मध्य पूर्व तनाव और ट्रंप की चेतावनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल

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    नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दी गई समय सीमा के बीच मंगलवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और ये नए उच्च स्तर पर पहुंच गईं।

    ब्रेंट क्रूड वायदा में 1.69 प्रतिशत यानी 1.86 डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 111.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो सुबह के कारोबार में दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा में 3 प्रतिशत से ज्यादा यानी 4.15 डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 116.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, जो 27 फरवरी को 72.48 डॉलर से बढ़कर 9 मार्च को 119.50 डॉलर हो गई।

    तेल की कीमतों में यह उछाल उस समय आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए चेतावनी दी।

    ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी तय समयसीमा तक स्ट्रेट नहीं खोला, तो ‘तेहरान पर भारी हमला होगा’। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को ‘एक रात में खत्म किया जा सकता है’ और उसके पुल व पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे।

    दूसरी ओर, खबरों के मुताबिक ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और संघर्ष जारी रखा है।

    होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष के कारण प्रभावित है। इससे इस साल अब तक तेल की कीमतों में करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है और औसत कीमत 100 डॉलर के आसपास बनी हुई है।

    इस बीच, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

    अमेरिका में वॉल स्ट्रीट हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।