दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी

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नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की ‘शहादत दिवस’ पर, दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को शहर के भाजपा कार्यालय में आयोजित एक समारोह में पुष्पांजलि अर्पित की।

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक सतीश उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं के साथ मालवीय नगर के भगत सिंह पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

प्रदेश कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सचदेवा ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक हैं, जिन्होंने मातृभूमि के लिए मुस्कुराते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इन तीनों क्रांतिकारियों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी और 23 मार्च, 1931 को लाहौर जेल में उन्हें फांसी दे दी गई थी, जिस दिन को अब हम ‘शहादत दिवस’ के रूप में मनाते हैं।

सचदेवा ने कहा कि उनका बलिदान केवल राजनीतिक प्रतिरोध का कार्य नहीं था, बल्कि देश के युवाओं के लिए देशभक्ति का एक प्रतीक था। आज भी उनका साहस और वैचारिक स्पष्टता लाखों भारतीयों को प्रेरित करती है। राष्ट्र के इन महान सपूतों के बलिदान को इतिहास में सुनहरे अक्षरों में हमेशा याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा के महासचिव और सांसद योगेंद्र चंदोलिया, राज्य भाजपा मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया संबंध प्रमुख विक्रम मित्तल, प्रवक्ता यासिर जिलानी, सह-कार्यालय सचिव अमित गुप्ता, स्थानीय दिल्ली गेट मंडल अध्यक्ष राकेश वर्मा, सीताराम बाजार मंडल प्रतिनिधि प्रेम चंद सैनी और चांदनी महल मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दूसरी ओर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संसद स्ट्रीट स्थित रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटीज कार्यालय परिसर में ‘शहीद-ए-आजम’ भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

मुख्यमंत्री ने पुनर्स्थापित ‘ऐतिहासिक न्यायालय परीक्षण कक्ष’ का भी उ‌द्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 मार्च पूरे देश के लिए अपार गौरव और भावनात्मक स्मरण का दिन है। यह दिन हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की मुक्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस ऐतिहासिक परिसर में इन स्मृतियों को पुनर्जीवित होते देखना हर भारतीय के लिए अत्यंत गौरव और भावुक क्षण है।