राजस्थान: अंतिम संस्कार में मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी, दो की मौत

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जयपुर, 18 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के बेगुन उपमंडल में मधुमक्खियों के चौंकाने वाले और दुर्लभ हमलों ने दहशत फैला दी है। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए।

घटना मंगलवार को उस समय हुई जब पारसोली निवासी 80 वर्षीय जमनालाल उर्फ जमनेश पास के एक गांव में हवन कर रहे थे, तभी मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार तड़के चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

पारसोली मोक्षधाम (श्मशान घाट) में उनके अंतिम संस्कार के दौरान एक बार फिर त्रासदी घट गई। जैसे ही शोक संतप्त लोग इकट्ठा हुए और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं, मधुमक्खियों के एक और झुंड ने अचानक भीड़ पर हमला कर दिया। तुरंत ही अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और अंतिम संस्कार बीच में ही छोड़ना पड़ा।

इस अफरा-तफरी में 40-50 लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गए, जिनमें से सात गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

गंभीर रूप से घायलों में 80 वर्षीय भवानी शंकर पंड्या भी शामिल थे, जिन्हें लगभग 20 बार मधुमक्खियों ने डंक मारा था। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती होने के एक घंटे के भीतर ही उनका निधन हो गया।

अन्य घायल पीड़ितों का इलाज आइसोलेशन और जनरल मेडिकल यूनिट सहित विभिन्न वार्डों में जारी है। लगातार खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने असाधारण सावधानी बरती।

चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत, पीपीई किट पहने एक सीमित दल ने अंतिम संस्कार को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए श्मशान घाट पर वापसी की।

उप-मंडल अधिकारी अंकित समरिया और तहसीलदार गोपाल जिनागर सहित स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रयासों का समन्वय किया।

पुलिस ने लगातार हुए इन असामान्य हमलों को समझने के लिए जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।

इस तरह के मधुमक्खी हमले, पहले किसी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान और फिर अंत्येष्टि के समय बेहद दुर्लभ हैं और इनसे स्थानीय समुदाय सदमे में है।