एस. जयशंकर ने की इंडोनेशियाई समकक्ष सुगियोनो से बात, पश्चिम एशिया के संघर्ष पर की चर्चा

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नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मामलों के मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को अपने इंडोनेशियाई समकक्ष सुगियोनो के साथ टेलीफोन पर बातचीत की इस दौरान दोनों देशों में पश्चिम एशिया के संघर्ष और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में लिखा, “इंडोनेशिया के एफएम सुगियोनो से बातचीत करके खुशी हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष पर दृष्टिकोण साझा किए। द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और जल्द ही संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।”

दोनों मंत्रियों के बीच यह बातचीत उस समय हुई, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जो अमेरिका की संपत्तियों, क्षेत्रीय राजधानियों और पश्चिम एशिया में सहयोगी बलों को निशाना बना रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों में जयशंकर ने रूस, ईरान, फ्रांस और ओमान सहित कई अन्य देशों के समकक्षों से भी बातचीत की है, क्योंकि भारत क्षेत्र में तनावपूर्ण सुरक्षा स्थिति के बीच संबंधित सरकारों और अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है।

बुधवार को मंत्री जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से टेलीफोन पर बातचीत की थी, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष और द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर चर्चा हुई।

मंत्री जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अच्छी टेलीफोन बातचीत हुई। पश्चिम एशिया संघर्ष और संबंधित कूटनीतिक प्रयासों पर हमारी जानकारी साझा की। इसके अलावा हमारे द्विपक्षीय सहयोग एजेंडे का भी जायजा लिया।”

एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ (ईयू) की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास के साथ भी पश्चिम एशिया संघर्ष और इसके परिणामों पर चर्चा की।

बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “पश्चिम एशिया संघर्ष और इसके परिणामों पर ईयू एचआरवीपी काजा कल्लास के साथ उपयोगी चर्चा हुई।”

मंत्री जयशंकर ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष जीन-नोएल बैरोट के साथ बुधवार को पश्चिम एशिया में वर्तमान सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की।

सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जीन-नोएल बैरोट के साथ पश्चिम एशिया संघर्ष पर दृष्टिकोण साझा करने के लिए आभारी हूं। इसे व्यक्तिगत रूप से जारी रखने की प्रतीक्षा है।”

भारत लगातार स्थिति को शांत करने, संयम, संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहा है। साथ ही क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति को प्राथमिकता दे रहा है।

मंगलवार को जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ विस्तृत टेलीफोन बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।

सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ आज शाम विस्तृत बातचीत हुई। हम संपर्क में रहने पर सहमत हुए।”

इसके अलावा उन्‍होंने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ मंगलवार को द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया में वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। साथ ही जर्मन समकक्ष जोहान वाडेफुल के साथ भी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर टेलीफोन पर विचार साझा किए।