नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस) विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने रविवार को बताया कि उन्हें अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची का फोन आया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।”
हालांकि, उन्होंने बातचीत के खास बिंदुओं के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
यह बातचीत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास, जो तेल परिवहन का एक अहम वैश्विक मार्ग है। इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं और कई पक्षों की ओर से तीखी बयानबाजी हो रही है, जिससे एक बड़े संघर्ष की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
भारत इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखे हुए है, क्योंकि इस क्षेत्र में उसके महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक हित जुड़े हैं। भारत के कच्चे तेल के आयात का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है, इसलिए वहां स्थिरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
हाल के दिनों में क्षेत्रीय पक्षों के साथ कूटनीतिक संपर्क तेज हो गए हैं, क्योंकि नई दिल्ली अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पश्चिम एशिया के कई देशों में भारत के बड़ी संख्या में प्रवासी भी रहते हैं, जिससे बदलती स्थिति के बीच चिंताएं और बढ़ गई हैं।
हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत का कोई विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया है, लेकिन इस तरह के उच्च-स्तरीय संपर्क आमतौर पर स्थिति का जायजा लेने और तनाव कम करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
ईरान इस तनाव के केंद्र में बना हुआ है; सैन्य घटनाओं और जवाबी कार्रवाई की खबरों ने अनिश्चितता को और बढ़ा दी है। वैश्विक शक्तियां और क्षेत्रीय देश तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर और अराघची के बीच हुई यह बातचीत, स्थिति के लगातार बदलते स्वरूप के बीच भारत की जारी कूटनीतिक पहलों का ही एक हिस्सा मानी जा रही है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ”आज शाम कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी के साथ जारी संघर्ष के विषय पर टेलीफोन पर चर्चा हुई।”
एक अन्य पोस्ट में कहा, ”यूएई के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद के साथ पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर चर्चा की।”


