बेंगलुरु, 18 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा ने बुधवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा परिसर (विधानसभा) के अंदर मीडियाकर्मियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के आदेश की आलोचना की है और इसको राज्य में आपातकाल थोपने जैसा बताया है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को बेंगलुरु में कहा कि यह कर्नाटक में आपातकाल की स्थिति है। अपनी विफलताओं, गलतियों और भ्रष्टाचार को छिपाने के प्रयास में, कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने मीडिया पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर अपना अलोकतांत्रिक और तानाशाही रवैया प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, आपके सर्वोच्च नेता राहुल गांधी जिस संविधान की किताब को अपने साथ लेकर घूमते हैं और हर जगह दिखाते हैं, क्या उसमें प्रेस की स्वतंत्रता का कोई प्रावधान नहीं है? या आप इस बात से डरते हैं कि और भी अनियमितताएं उजागर हो जाएंगी?
अशोक ने आरोप लगाया कि विधान सौधा कांग्रेस पार्टी का कार्यालय नहीं है। यह जनता का सदन है, सात करोड़ कन्नड़ भाषी लोगों की सत्ता का केंद्र है। किसी को भी मीडियाकर्मियों को इसमें प्रवेश करने से रोकने का अधिकार नहीं है।
अशोक ने अपील करते हुए कहा कि मीडियाकर्मियों को केवल विधान सौधा के भीतर निर्धारित स्थान पर साक्षात्कार करने का निर्देश देने वाला यह असंवैधानिक आदेश तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। मैं राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, मीडिया को अपने कर्तव्यों का स्वतंत्र रूप से निर्वाह करने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कहा है कि पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा विधान सौधा के अंदर मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की कड़ी निंदा करती है।
पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि लोग पहले से ही कांग्रेस सरकार को अक्षम बता रहे हैं, और यह ताजा फैसला इस धारणा को और पुष्ट करता है।
विजयेंद्र ने आगे आरोप लगाया कि सरकार ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि विधान सौधा के अंदर भी ऐसे नारे लगाए जाने पर सरकार ने कहा कि कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए आलोचना की।

