उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का समापन: गडकरी ने लाभदायक कृषि के लिए विजन पेश किया

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भोपाल, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचे के विकास, जल संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करके भारतीय कृषि को बदलने का एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित तीन-दिवसीय राष्ट्रीय-स्तरीय कृषि उत्सव, रायसेन के दशहरा मैदान में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में हजारों किसानों ने भाग लिया, जिसमें आधुनिक खेती के लिए नवाचार, कृषि मशीनरी और व्यावहारिक समाधानों को प्रदर्शित किया गया।

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान द्वारा उठाई गई मांगों के जवाब में सड़क विकास पहलों के एक नए पैकेज की घोषणा की। उन्होंने रायसेन रिंग रोड और ईस्टर्न बाईपास के प्रस्ताव को गति देने की मंजूरी दी, जिसमें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करना, राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण में तेजी लाना और पुलों का सौंदर्यीकरण शामिल है।

उन्होंने इस क्षेत्र में सड़क से जुड़े अन्य लंबित प्रोजेक्ट्स के लिए पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया। गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि खेती का भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी आधुनिक तकनीकों में है।

उन्होंने कहा कि किसानों को समय के साथ बदलना होगा। ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है और उस ज्ञान को धन में बदलना ही भारतीय कृषि की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से कम लागत पर ज्यादा उत्पादन हासिल करने के लिए इनोवेशन और टेक्नोलॉजी अपनाने का आग्रह किया।

मंत्री ने किसानों के लिए अन्नदाता होने से भी आगे बढ़कर एक बड़ी भूमिका की कल्पना की। उन्होंने कहा कि खेती के बचे हुए हिस्से, फसल के ठूंठ और बायोमास से इथेनॉल, सीएनजी, हाइड्रोजन, एविएशन फ्यूल और बिटुमेन के जरिए आय के नए स्रोत पैदा किए जा सकते हैं, जिससे आयात कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

जल संरक्षण पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, “बहते पानी की गति धीमी करें, चलते पानी को रोकें और रुके हुए पानी का इस्तेमाल जमीन को रिचार्ज करने के लिए करें।” उन्होंने गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और घर का पानी घर में के सिद्धांत की वकालत की और भूजल रिचार्ज की तुलना बैंक में पैसे जमा करने से की।

उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग, मछली पालन और ब्लू इकॉनमी के महत्व पर भी जोर दिया। गडकरी ने कहा कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, किसानों को सही दाम दिलाने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सुविधाएं और वैल्यू एडिशन शामिल हैं, बहुत जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ को महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में बदलाव के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने इस क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु और संसाधनों के हिसाब से तैयार किया गया एक विस्तृत बीज से बाजार तक का रोडमैप घोषित किया।

इस योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र को बागवानी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। साथ ही, दालों की खेती का भी विस्तार करना है। एक विशेष कार्यबल और राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति इसके कार्यान्वयन की निगरानी करेगी, जिसमें केंद्र और राज्य की टीमें मिलकर काम करेंगी।

चौहान ने किसानों से ‘किसान आईडी’ बनवाने की अपील की, जिससे भविष्य में उन्हें विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार खेती को लाभदायक बनाने और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।