ईसीआई ने मतदान प्रक्रिया देखने के लिए केरल में 23 देशों के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की

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तिरुवनंतपुरम, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की चुनावी विश्वसनीयता को दर्शाने वाले महत्वपूर्ण अवसर पर, भारतीय चुनाव आयोग ने अपने ‘अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम- 2026’ (आईवीपी) के तहत केरल विधानसभा चुनाव का निरीक्षण करने आए उच्च-स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया।

केरल में गुरुवार सुबह 7 बजे 140 विधायकों को चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया।

आईवीपी के पहले चरण के तहत, 23 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 43 सदस्यों वाला अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल तिरुवनंतपुरम पहुंचा।

इस दौरे का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को भारत की मजबूत और प्रौद्योगिकी-आधारित चुनावी प्रक्रिया की प्रत्यक्ष जानकारी देना है।

टीम ने पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं को मिठाइयां भी बांटी। यह पहला प्रयास था वोट डालने वालों में उत्साह बढ़ाने का, जो मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. खेलकार की पहल पर किया गया।

केरल में 9 अप्रैल को मतदान के दिन अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा, जो राज्य के विविध और समावेशी चुनाव प्रबंधन मॉडल को दर्शाता है।

पर्यवेक्षकों ने सुबह 6 बजे ही काम शुरू कर दिया और वाझुथाकाड स्थित कॉटन हिल एलपीएस के बूथ नंबर 104 पर एक मॉक पोल किया। यह अभ्यास मतदान शुरू होने से पहले मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रणाली की अखंडता दिखाने के लिए किया गया था।

टीम ने केंद्रीय विद्यालय, पट्टम में एक पिंक-बूथ का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट मॉडल जीएचएसएस, पट्टम में एक मॉडल मतदान बूथ का निरीक्षण किया। ये दोनों केंद्र मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी को दर्शाते हैं।

पेरूरकाडा स्थित सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में युवाओं द्वारा संचालित एक मतदान बूथ भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। यह बूथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाने के प्रयासों को उजागर करता है।

मतदान केंद्रों का दौरा करने के अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। इससे उन्हें चुनाव के बैकएंड समन्वय और रियल-टाइम निगरानी की प्रक्रिया की जानकारी मिली, जो बड़े पैमाने पर चुनाव प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल भारत की चुनावी दक्षता और व्यापकता को दिखाना ही नहीं है, बल्कि चुनाव प्रबंधन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी आसान बनाना है।

यह कार्यक्रम भारत की स्थिति को लोकतांत्रिक शासन के क्षेत्र में एक मजबूत और मानक उदाहरण के रूप में स्थापित करता है।

इससे पहले, भारतीय चुनाव आयोग ने बताया कि आईवीपी के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने केरल के कोच्चि में मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने ‘लोकतंत्र के उत्सव’ के रूप में मतदान प्रक्रिया का अवलोकन किया और मतदान के लिए की गई व्यापक और व्यवस्थित तैयारियों की सराहना की।