गुजरात के जलाशयों में 72 प्रतिशत से अधिक पानी, आने वाली गर्मियों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था

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गांधीनगर, 7 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात में इस साल लगातार हुई बारिश का असर अब जलाशयों के जलस्तर में साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रमुख जलाशयों में फिलहाल कुल क्षमता का 72.49 प्रतिशत पानी भरा हुआ है, जिससे आने वाली गर्मियों में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। यह जानकारी राज्य के जल संसाधन विभाग ने दी है।

विभाग के अनुसार, इस साल मानसून के दौरान राज्य में औसत से 128 प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। इसी कारण जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

5 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के प्रमुख जलाशयों में कुल 6.46 लाख मिलियन क्यूबिक फीट पानी संग्रहित है। यह मात्रा पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 4.15 प्रतिशत अधिक है।

अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और जल संसाधन एवं जल आपूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल के नेतृत्व में प्रभावी जल प्रबंधन के कारण राज्य में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है।

राज्य की जीवन रेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर जलाशय में इस समय कुल क्षमता का 74 प्रतिशत से अधिक पानी भरा हुआ है, जो लगभग 2.47 लाख मिलियन क्यूबिक फीट के बराबर है।

क्षेत्रवार स्थिति की बात करें तो दक्षिण गुजरात के जलाशयों में सबसे अधिक पानी है, जहां कुल 2.34 लाख मिलियन क्यूबिक फीट जल संग्रहित है। इसके अलावा मध्य गुजरात में 65,179 मिलियन क्यूबिक फीट, उत्तर गुजरात में 41,842 मिलियन क्यूबिक फीट, सौराष्ट्र में 53,621 मिलियन क्यूबिक फीट और कच्छ में 4,392 मिलियन क्यूबिक फीट पानी मौजूद है।

इस तरह पूरे राज्य में कुल 6,46,556 मिलियन क्यूबिक फीट पानी संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 72.49 प्रतिशत है।

पिछले साल इसी समय जल स्तर अपेक्षाकृत कम था। तब उत्तर गुजरात में 27,847 मिलियन क्यूबिक फीट, मध्य गुजरात में 57,882 मिलियन क्यूबिक फीट, दक्षिण गुजरात में 2,24,182 मिलियन क्यूबिक फीट, सौराष्ट्र में 52,264 मिलियन क्यूबिक फीट, कच्छ में 5,332 मिलियन क्यूबिक फीट और सरदार सरोवर में 2,41,952 मिलियन क्यूबिक फीट पानी था, जो कुल क्षमता का 68.34 प्रतिशत था।

गुजरात में कुल 207 जलाशय और बांध हैं। इनमें सौराष्ट्र में 141, उत्तर गुजरात में 15, मध्य गुजरात में 17, दक्षिण गुजरात में 13 और कच्छ में 20 जलाशय शामिल हैं।

जल संसाधन विभाग का कहना है कि जल स्तर को बनाए रखने के लिए हर दिन निगरानी और प्रबंधन किया जा रहा है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पानी की कोई कमी न हो।