भारत में माइक्रोन चिप प्लांट का ऐतिहासिक उद्घाटन, उद्योग जगत ने किया स्वागत

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    नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईएसए) ने शनिवार को गुजरात के साणंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अत्याधुनिक एटीएमपी (असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग) सुविधा के उद्घाटन पर सरकार और अमेरिका स्थित माइक्रोन टेक्नोलॉजी को बधाई दी।

    इस कार्यक्रम को भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चंदक, जो उद्घाटन समारोह में मौजूद थे, ने कहा कि “यह केवल एक संयंत्र का उद्घाटन नहीं है, बल्कि उन्नत सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण में भारत के एक मजबूत और भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में उभरने की घोषणा है।”

    उन्होंने कहा, “इतिहास को प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिलना गर्व की बात है। प्रधानमंत्री के तीन शब्दों में – ‘भारत तैयार है, भारत भरोसेमंद है और भारत परिणाम देता है’ – सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह विश्व स्तरीय चिप इकोसिस्टम के निर्माण में राष्ट्र के आत्मविश्वास की एक सशक्त घोषणा थी।”

    माइक्रोन का 22,516 करोड़ रुपए (लगभग 2.75 अरब डॉलर) का निवेश भारत के विनिर्माण क्षेत्र में किसी वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े निवेशों में से एक है। इसके अलावा, कंपनी के भारत में डिजाइन केंद्र भी हैं।

    यह संयंत्र डीआरएएम, एनएएनडी और सॉलिड-स्टेट ड्राइव (एसएसडी) जैसे उत्पादों का निर्माण करेगा। ये महत्वपूर्ण मेमोरी उपकरण एआई सिस्टम, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, स्मार्टफोन, डेटा सेंटर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और अगली पीढ़ी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को शक्ति प्रदान करते हैं।

    मेमोरी निर्माण रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के केवल कुछ ही देशों के पास यह क्षमता है।

    एसोसिएशन ने कहा, “एआई से जुड़ी मांग में तेजी और आपूर्ति संबंधी दबावों को देखते हुए, भारत में मेमोरी निर्माण की स्थापना समयानुकूल और परिवर्तनकारी कदम है।”

    इस मेमोरी प्लांट, माइक्रोन के मौजूदा डिजाइन केंद्रों और इस वर्ष शुरू होने वाली अन्य चिप असेंबली और परीक्षण सुविधाओं से भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता कई गुना बढ़ेगी। इससे डिजाइन आधारित विनिर्माण और निर्यात संभावनाओं को भी मजबूती मिलेगी।

    साणंद स्थित इस प्लांट से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और 15,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे कुशल सेमीकंडक्टर कार्यबल तैयार होगा।

    माइक्रोन के एटीएमपी संयंत्र की शुरुआत भारत की सेमीकंडक्टर नीति को व्यवहार में उतारने और निर्माण के लिए तैयार होने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।