जापान ईरान के साथ शिखर वार्ता की तैयारी कर रहा है: पीएम साने ताकाइची

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टोक्यो, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी गहरा होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आखिरी अल्टीमेटम दिया है अगर बात नहीं मानी तो मंगलवार को भीषण हमला होगा। इस बीच जापान की स्थानीय मीडिया ने बताया कि प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोमवार को कहा कि जापानी सरकार ईरान के साथ शिखर वार्ता की तैयारी कर रही है।

जापान के क्योडो न्यूज के मुताबिक, पीएम ताकाइची ने एक पार्लियामेंट्री कमेटी को बताया, “हम सही समय पर नेतृत्व के स्तर पर बातचीत की तैयारी कर रहे हैं।” जापान के विपक्षी सांसद ने अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच जापान की डिप्लोमैटिक कोशिशों के बारे में सवाल किया। इस सवाल के जवाब में पीएम ताकाइची ने ये जवाब दिया।

इससे पहले 30 मार्च को स्थानीय मीडिया ने जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा था कि अगर यह जापान के नेशनल इंटरेस्ट में काम आता है, तो वह ईरानी नेतृत्व के साथ ‘सही’ समय पर बातचीत करने पर विचार करेंगी।

क्योडो न्यूज के मुताबिक पीएम ताकाइची ने प्रतिनिधि सभा के बजट कमेटी के एक सत्र में कहा, “मैं बातचीत करने के लिए सही समय का फैसला नेशनल इंटरेस्ट के आधार पर एक बड़े नजरिए से करूंगा।”

क्लाइमेट बॉन्ड्स के अनुसार, जापान अपनी जरूरतों का लगभग 95 फीसदी तेल मिडिल ईस्ट से खरीदता है। इसमें से 73.7 फीसदी तेल सीधा होर्मुज के रास्ते से लाया जाता है। ऐसे में उसके लिए होर्मुज स्ट्रेट इसके लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा वह लिक्विफाइड नेचुरल गैस का 6 से 11 फीसदी हिस्सा जो आयात करता है, वह होर्मुज से ही होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में होर्मुज जापान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, जापान रेड सी (सऊदी अरब) और फुजैराह पोर्ट (यूएई) तक पाइपलाइन का इस्तेमाल करके सप्लाई को होर्मुज स्ट्रेट से डायवर्ट करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इनकी क्षमता सीमित है।

जापान और अमेरिका वर्तमान में अपने सबसे मजबूत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दौर में हैं। दोनों देशों ने हाल ही में रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।

जापान अमेरिका से टॉमहॉक हथियार प्रणाली खरीद रहा है और दोनों देश स्टैंडर्ड मिसाइल 3 (एसएम-3) के उत्पादन को जापान में चार गुना बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।