मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में जमीन के सर्वे की प्रक्रिया अब 30 दिनों के अंदर पूरी कर ली जाएगी। पहले इस काम में 60 से 90 दिन लगते थे।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को विधानसभा में यह घोषणा की। उन्होंने एक विस्तृत योजना पेश की, जिसके तहत हाई-टेक उपकरणों और बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान के जरिए भूमि अभिलेख विभाग का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
यह घोषणा विधायक बबनराव लोनिकर द्वारा लाए गए ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ के जवाब में की गई। इस प्रस्ताव में सर्वे के लंबित मामलों के बैकलॉग और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया गया था।
मंत्री ने कहा कि मानवीय गलतियों और मैन्युअल देरी को खत्म करने के लिए, सरकार 1,500 रोवर मशीनें तैनात करेगी। अभी 1,250 मशीनें इस्तेमाल में हैं। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर जमीन सर्वेक्षक के पास एक मशीन हो। 2003 के बाद पहली बार एक नई संगठनात्मक संरचना को मंजूरी दी गई है। इसमें मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ कम करने के लिए 994 नए पद भरना शामिल है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले तीन महीनों के भीतर डिप्टी डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट के पद भर दिए जाएंगे।
मंत्री के अनुसार, ज्यादा मेरिट वाले मेंटेनेंस सर्वेक्षक अब सिलेक्शन ग्रेड के लिए पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए, हम एक टेक्नोलॉजी-आधारित दृष्टिकोण अपना रहे हैं। अतिरिक्त रोवर मशीनों के लिए फंड जिला योजना समिति और भूमि अधिग्रहण फंड के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
वर्तमान में, छत्रपति संभाजीनगर कमिश्नरेट आठ जिलों का कार्यभार संभालता है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए, सरकार अब नांदेड़ या लातूर में एक दूसरा राजस्व कमिश्नरेट और भूमि अभिलेख उप-निदेशक कार्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।

