मणिपुर में स्थायी शांति समुदायों के बीच आपसी समझ पर निर्भर करती है: मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह

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इंफाल, 19 फरवरी (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को कहा कि राज्य में स्थायी और दीर्घकालिक शांति केवल सभी समुदायों के बीच आपसी समझ, संवाद और सहयोग के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है।

आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) को प्रभावित करने वाली जातीय हिंसा से जूझ रहे लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर 36 समुदायों का घर है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहाड़ों और घाटियों में रहने वाले लोगों को एकजुट होकर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार की समस्याओं के समाधान की पहल के तहत मणिपुर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सभी 36 राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां आईडीपी रह रहे हैं।

आईडीपी और नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) से विश्वास की खाई को पाटने और शांति को मजबूत करने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि हालांकि कुछ आईडीपी अपने पैतृक गांवों में लौट आए हैं, लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं क्योंकि राज्य के कुछ वर्गों में अभी भी भय बना हुआ है।

उन्होंने पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के विभिन्न समुदायों के नागरिक समाज संगठनों से सामान्य स्थिति की बहाली के लिए मिलकर काम करने की अपील की और सभी समुदायों से एकता और आपसी सम्मान के साथ रहने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने इम्फाल पश्चिम स्थित राष्ट्रीय खेल गांव (एनजीवी) राहत शिविर के वैकल्पिक आवास परिसर में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से विस्थापितों को लाभ वितरित किए और बताया कि गुरुवार को लगभग 33 करोड़ रुपए जारी किए गए।

विस्थापितों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति शासन हटने के बाद मणिपुर में नई सरकार के गठन के बाद पहला कदम विस्थापितों को शांति और सद्भावना के साथ उनके घरों में वापस लौटने में मदद करना है।

उन्होंने कुछ विस्थापितों को घर लौटने में सक्षम बनाने के लिए मार्गदर्शन देने के लिए मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को धन्यवाद दिया।