जयपुर, 16 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को शराब कारोबारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर हड़ताल की और झालाना स्थित आबकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कारोबारियों ने शराब बिक्री के समय में बढ़ोतरी और कथित पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग उठाई।
हड़ताल का शहर में मिला-जुला असर देखने को मिला। अधिकांश दुकानदारों ने बंद का समर्थन किया, जबकि कुछ दुकानें शुरुआत में खुली रहीं, जिन्हें बाद में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों ने समझाकर बंद कराया।
सैकड़ों कारोबारी ‘राज लिकर वेलफेयर सोसायटी’ के बैनर तले एकत्र हुए और रैली निकालते हुए आबकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन मुख्य रूप से राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के विरोध में किया गया। खासकर शराब बिक्री लक्ष्य में प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर कारोबारियों में नाराजगी है।
सोसायटी के अध्यक्ष निलेश मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिक्री लक्ष्य तो बढ़ा दिया है, लेकिन पूर्व में किए गए वादे के अनुरूप बिक्री समय में बढ़ोतरी नहीं की गई। इससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल ने जिला आबकारी अधिकारी महिपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों और शिकायतों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बढ़े हुए वित्तीय लक्ष्यों और नियमित जांच के दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया।
बाद में एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में आबकारी आयुक्त शिवप्रकाश नाकाते से भी मुलाकात की। कारोबारियों के अनुसार, आयुक्त ने उनकी मांगों पर सरकार स्तर पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। साथ ही, पुलिस उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तत्काल बातचीत करने का भी भरोसा दिलाया।
आयुक्त के हस्तक्षेप और पुलिस अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद कारोबारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। दोपहर करीब 2 बजे से जयपुर में शराब की दुकानें फिर से खुलने लगीं और शहर में सामान्य कारोबार बहाल हो गया।

