महाराष्ट्र: राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को त्रैमासिक रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देश दिए

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मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राज्यपाल और राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मंगलवार को मुंबई स्थित लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुलपतियों के साथ बातचीत की।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कुलपतियों से अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार करने और इसे प्राप्त करने के लिए समय-समय पर लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।

विश्वविद्यालयों में छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने के लिए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थानों को स्कूलों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए और छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

इस संबंध में उन्होंने विश्वविद्यालयों को ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम के तहत नवोन्मेषी पहल करने का निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि इसे लागू करते समय उन्हें लीक से हटकर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कौशल शिक्षा के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू की गई ‘स्वयंसिद्धा’ पहल बहुत महत्वपूर्ण है और विश्वविद्यालयों द्वारा इसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आगे कहा कि लोक भवन ‘स्कूल कनेक्ट’ और ‘स्वयंसिद्धा’ दोनों योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगा और विश्वविद्यालयों को इन पहलों पर त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इन पहलों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को पदक या ट्रॉफी जैसे पुरस्कारों के लिए विचार किया जा सकता है। विश्वविद्यालयों द्वारा शुरू की गई सफल पहलों को अन्य संस्थानों में भी दोहराया जाएगा।

राज्यपाल ने आगे कहा कि वे जल्द ही सभी कुलपतियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे।

राज्यपाल के सचिव प्रशांत नरनावारे ने अपने प्रारंभिक संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन, विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय रैंकिंग, महिला सशक्तिकरण, स्वयंसिद्ध पहल, कौशल विकास और ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम के संबंध में जानकारी प्रदान की।

इसी बीच, भारत और मित्र देशों के वरिष्ठ सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के 17 सदस्यीय समूह ने महाराष्ट्र के अपने अध्ययन दौरे के दौरान लोक भवन में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की। समूह वर्तमान में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में आर्थिक कूटनीति का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल में भारतीय नौसेना, वायु सेना और सेना के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी, साथ ही राजस्व सेवा के अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में रूस, ओमान, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, नेपाल और तंजानिया के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल थे। इस समूह का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य मेजर जनरल हरकीरत सिंह ने किया।