एसआईआर विवाद: बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पहुंचेंगी दिल्ली, कर सकती हैं मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात

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कोलकाता, 1 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर सकती हैं। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचेंगी।

जानकारी सामने आई है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ आम सहमति बनाने के मकसद से दिल्ली में विपक्षी पार्टियों के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। टीएमसी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर राष्ट्रीय राजधानी की यात्रा के लिए यह समय चुना है, क्योंकि चल रहे बजट सत्र के कारण सभी विपक्षी पार्टियों के प्रमुख नेता वहां मौजूद रहेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं को रख सकती हैं।

इससे पहले, शनिवार को उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें स्पेशल रोल ऑब्जर्वर (एसआरओ) और माइक्रो-ऑब्जर्वर के अधिकार पर सवाल उठाया गया था। पत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तर्क दिया कि एसआरओ और माइक्रो-ऑब्जर्वर की भूमिका एसआईआर प्रक्रिया की देखरेख तक सीमित नहीं थी, क्योंकि उन्हें अप्रूविंग अथॉरिटी के रूप में भी नामित किया गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे अपने पत्र में ममता बनर्जी ने दावा किया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर को यह अधिकार देने से चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) सिर्फ दर्शक बनकर रह गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ऑब्जर्वर और माइक्रो-ऑब्जर्वर को दिए गए अतिरिक्त अधिकार अथॉरिटी भारतीय संविधान के ‘लोकतांत्रिक मूल्यों, संघवाद और मौलिक अधिकारों’ की भावना के खिलाफ है।

हालांकि सीएम ममता बनर्जी के कोलकाता लौटने की तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि वह 5 फरवरी से पहले लौटेंगी, क्योंकि उस दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में ‘वोट ऑन अकाउंट’ पेश किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र भी महत्वपूर्ण है, और सत्ता पक्ष सदन में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करेगा। एक प्रस्ताव केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ लाया जाएगा, जबकि दूसरा प्रस्ताव एसआईआर के विरुद्ध पेश किया जाएगा। इन प्रस्तावों के जरिए केंद्रीय एजेंसियों और एसआईआर प्रक्रिया की निंदा की जाएगी।