मणिपुर: भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

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इंफाल, 21 फरवरी (आईएएनएस)। मणिपुर के थानलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का शनिवार को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। अधिकारियों के अनुसार, 4 मई 2023 को जातीय हिंसा के दौरान भीड़ हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद से उनका इलाज चल रहा था।

जोमी जनजातीय समुदाय से संबंध रखने वाले वाल्टे चुराचांदपुर जिले के थानलोन क्षेत्र से मणिपुर विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। हिंसक हमले के बाद उन्होंने दिल्ली में लंबे समय तक उपचार कराया था और बाद में कुकी-जो बहुल चुराचांदपुर जिले में रह रहे थे।

स्वास्थ्य बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें इंफाल से एयरलिफ्ट कर नई दिल्ली लाया गया और गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह सहित कई नेताओं और संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि वुंगजागिन वाल्टे मणिपुर की जनता के लिए उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए याद किए जाएंगे। उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया और विधानसभा में उनके हस्तक्षेप हमेशा सारगर्भित रहे।

राज्यपाल ने भी अपने शोक संदेश में कहा कि वाल्टे का असामयिक निधन मणिपुर की जनता और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि वाल्टे न केवल एक समर्पित जनप्रतिनिधि थे, बल्कि एक संवेदनशील नेता भी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के कल्याण, प्रगति और समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता निस्वार्थ सेवा की सच्ची भावना को दर्शाती है।

गौरतलब है कि 4 मई 2023 को इंफाल में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ बैठक में शामिल होने के बाद वाल्टे पर हमला किया गया था। इस हमले में उन्हें कई गंभीर चोटें आई थीं और आंशिक लकवा हो गया था। हमले में उनके चालक की भी मौत हो गई थी।

वाल्टे ने मणिपुर में जारी जातीय संकट के बीच पहले जो समुदाय के सदस्यों से एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की थी। उनके निधन से मणिपुर की राजनीति में शोक की लहर है।