मध्य प्रदेश : विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दिया

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भोपाल, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने ‘पारिवारिक जिम्मेदारियों’ और अपने चुनाव क्षेत्र के कामों के लिए पर्याप्त समय न दे पाने का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

अटेर सीट से कांग्रेस विधायक कटारे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और विपक्ष के नेता उमंग सिंघार को अपना इस्तीफा सौंपा।

संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि कटारे ने मौजूदा हालात में अपनी निजी मजबूरियों पर जोर दिया, जिससे इस रोल को अच्छे से निभाना मुश्किल हो गया।

कामले ने साफ किया कि इस्तीफा सिर्फ उपनेता के पद तक ही है और इससे कटारे की कांग्रेस पार्टी में सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कामले ने कहा, “वह पूरी वफादारी के साथ कांग्रेस पार्टी के साथ रहे हैं, हैं और रहेंगे।”

इस्तीफा स्वीकार करने का आखिरी फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पार्टी की शीर्ष नेतृत्व पर है।

पूर्व विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे के बेटे कटारे ग्वालियर-चंबल इलाके में कांग्रेस का एक जाना-माना चेहरा रहे हैं।

2023 के विधानसभा चुनावों में अटेर से चुने गए, उन्हें कुछ ही समय बाद उपनेता नियुक्त किया गया, जो उमंग सिंघार के साथ विपक्ष के नेता के तौर पर एक पीढ़ीगत बदलाव को दिखाता है। उनके कार्यकाल में विधानसभा की बहसों में सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिसमें इंदौर के भागीरथपुरा में पानी के दूषित होने और दूसरी जन शिकायतों जैसे मुद्दों पर मंत्रियों के इस्तीफे की मांग शामिल थी।

यह कदम विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच उठाया गया है, क्योंकि हाल के विधानसभा सत्रों में शासन की नाकामियों को लेकर विरोध और वॉकआउट हुए थे। उपनेता पद के लिए तुरंत किसी रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की गई है।

पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि लीडरशिप आने वाले दिनों में इस मामले पर विचार-विमर्श करेगी।

पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, इस घटनाक्रम को कटारे का निजी फैसला माना जा रहा है और इसका पार्टी के किसी अंदरूनी झगड़े से कोई लेना-देना नहीं है।

कटारे शुक्रवार को शाम 4 बजे तक चल रहे विधानसभा सत्र में शामिल हुए, लेकिन उसके बाद इस्तीफा दे दिया। शुक्रवार को कटारे की शादी की सालगिरह है।