एनसी और कांग्रेस के विधायकों ने गांदरबल ‘मुठभेड़’ की न्यायिक जांच की मांग की

0
5

श्रीनगर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए ‘एनकाउंटर’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस के विधायकों ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। इस एनकाउंटर में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसे विधायकों ने कथित तौर पर निर्दोष नागरिक बताया है।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एनसी के विधायक खड़े हो गए और आरोप लगाया कि गांदरबल में फर्जी मुठभेड़ में एक निर्दोष व्यक्ति को मार दिया गया। एनसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मुबारक गुल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि उपराज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं लेकिन गृह विभाग को यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि इस संवेदनशील राज्य में किसी भी निर्दोष की जान नहीं जानी चाहिए। आतंकियों और आम नागरिकों के बीच स्पष्ट फर्क होना जरूरी है।”

इस पर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि मामले में पहले ही जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन ने सदन में प्लेकार्ड लहराते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं एनसी के विधायक हसनैन मसूदी ने बताया कि मृतक का शव अभी तक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए नहीं सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक दफन का अधिकार भी संविधान द्वारा दिया गया एक मूल अधिकार है।

कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कहा कि केवल मजिस्ट्रेट जांच पर्याप्त नहीं है और इस मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “न्याय तभी संभव है जब मामले का जल्दी और निष्पक्ष समाधान हो।”

एनसी के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी घटना के बाद परिवार का पक्ष सुनने की बात कही है और अब जरूरी है कि पूरे मामले की गहराई से जांच हो, ताकि सच सामने आ सके। वहीं मीर सैफुल्लाह ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बलों पर नियंत्रण जरूरी है।

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक आगा सैयद मुंतजिर ने कहा कि इस तरह के मामलों में उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है और उपराज्यपाल द्वारा जांच के आदेश एक स्वागत योग्य कदम है।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी के विधायक आरएस पठानिया ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह मामला सदन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अब सभी की नजर इस जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।