एनसीएसटी प्रमुख ने आदिवासी युवाओं से राष्ट्र निर्माण में शामिल होने का आह्वान किया

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नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने आदिवासी समुदायों के भविष्य को आकार देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासी युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली में आयोजित ‘चकमा युवा संवाद’ आदिवासी युवाओं का सशक्तिकरण और बिजू महोत्सव का आयोजन को संबोधित करते हुए आर्य ने आदिवासी युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए गहन प्रयास करने का आह्वान किया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि आदिवासी युवाओं से विकास और प्रगति के उभरते अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति (एनसीएसटी) के प्रमुख ने देश भर में अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रालय के जनादेश और पहलों के बारे में विस्तार से बताया।

पॉलिसी संवाद द्वारा दिल्ली चकमा छात्र संघ (डीसीएसयू) के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, सामुदायिक नेताओं और युवा प्रतिनिधियों ने आदिवासी सशक्तिकरण, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए भाग लिया।

एनसीएसटी सदस्य निरुपमा चकमा ने चकमा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला और आधुनिक विकास पथों को अपनाते हुए स्वदेशी पहचान को संरक्षित करने के महत्व पर बल दिया।

इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय आयाम जोड़ते हुए भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महिषिनी कोलोन ने चकमा समुदाय के व्यापक सांस्कृतिक और क्षेत्रीय महत्व को रेखांकित किया।

इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं, जिनमें पारंपरिक बिजू महोत्सव की भावना को दर्शाया गया, जो चकमा लोगों के बीच एकता, नवीनीकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।

आदिवासी युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई।