डच पीएम और स्विस राष्ट्रपति से मिले प्रधानमंत्री मोदी, एआई से लेकर ट्रेड पर हुई सार्थक चर्चा

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नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के मौके पर अपने डच समकक्ष डिक शूफ और स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से अलग-अलग द्विपक्षीय बातचीत की। बैठकों में भारत-यूरोप के बीच हुए समझौतों के भविष्य को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

पीएम शूफ और राष्ट्रपति पार्मेलिन से हुई वार्ता में एआई समेत किन बातों पर बल दिया गया इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी।

शूफ से मुलाकात के बाद लिखा, “दोनों नेताओं ने आर्थिक और सामाजिक बदलाव के लिए एआई का इस्तेमाल करने पर अपने विचार साझा किए। नेताओं ने भारत-ईयू एफटीए को जल्द लागू कराने के वादे को दोहराया। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत-नीदरलैंड के सहयोग को और मजबूत करने पर बल देने के साथ ही आर्थिक साझेदारी के नए मौके तलाशने की संभावनाओं पर बात की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का भी संकल्प लिया।”

भारत और नीदरलैंड के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में कई तरह के सहयोग पर आधारित मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं। दोनों देशों के बीच पानी को लेकर एक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें बाढ़ प्रबंधन, साफ पानी मुहैया कराने की टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने समेत दूसरे क्षेत्रों में काफी सहयोग और जानकारी शेयर करना शामिल है।

वहीं, राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से भी प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) से लेकर एआई इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी को लेकर गंभीर मंथन किया।

एमईए ने इस द्विपक्षीय मुलाकात को भी बयान किया। तस्वीरों के साथ एक पोस्ट में लिखा, “आर्थिक क्षेत्र में भारत-स्विजरलैंड सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की, जिसमें ट्रेड, निवेश और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। खासकर भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) को लागू करने और एआई इनोवेशन में पार्टनरशिप को मजबूत करने पर चर्चा की। उम्मीद जताई कि हमारे (दोनों देशों) रिश्ते टेक्नोलॉजिकल सहयोग, क्वालिटी इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देंगे और खासकर हमारे युवाओं के लिए नौकरियों का सृजन करेंगे।”

बता दें कि 1 अक्टूबर से भारत-यूरोपीय एफटीए-टीईपीए समझौता प्रभावी हो गया है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और सेवा प्रदाताओं को ईएफटीए देशों (आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड) के बाजारों तक पहुंच मिली है।