केरल: वीडी सतीशन की ‘पुथुयुग यात्रा’ के खिलाफ संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस का अलर्ट

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तिरुवनंतपुरम, 21 फरवरी (आईएएनएस)। केरल पुलिस की विशेष शाखा ने राज्य में संभावित राजनीतिक तनाव को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी उस घटनाक्रम के बाद आई है, जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के आवास पर पुष्पांजलि अर्पित कर विरोध दर्ज कराया।

इस कदम पर सत्तारूढ़ सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

खुफिया जानकारी के मुताबिक, इस घटना के जवाब में सीपीआई (एम) विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकती है। चेतावनी में कहा गया है कि सतीशन की चल रही “पुथुयुग यात्रा” को निशाना बनाया जा सकता है। प्रदर्शनकारी यात्रा मार्ग के किनारे स्थित स्थलों में प्रवेश करने या उनके आसपास एकत्र होकर काले झंडे दिखाने का प्रयास कर सकते हैं।

पुलिस अलर्ट में वीडी सतीशन के आधिकारिक आवास, परवूर स्थित उनके निजी निवास और उनके विधायक कार्यालय के बाहर विरोध की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उसके सहयोगी संगठनों डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों के भी प्रदर्शनों में शामिल होने की आशंका जताई गई है।

विपक्ष के नेता की यात्रा, सार्वजनिक कार्यक्रमों और ठहरने की व्यवस्था के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को निवारक सुरक्षा उपाय बढ़ाने और कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वीडी सतीशन ने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित विरोध प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन एक वैध अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक सभाओं को बाधित करने या हिंसा भड़काने के किसी भी प्रयास का राजनीतिक और कानूनी रूप से विरोध किया जाएगा।

सतीशन ने कहा कि युवा कांग्रेस का प्रदर्शन प्रतीकात्मक था और सत्तारूढ़ दल शासन से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इसे अनावश्यक रूप से तूल दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी “पुथुयुग यात्रा” तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और वे किसी भी प्रकार की धमकी या काले झंडे वाले विरोध से विचलित नहीं होंगे।

विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यात्रा मार्ग और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस तैनाती बढ़ाए जाने की संभावना है, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।