तिरुवनंतपुरम, 20 फरवरी (आईएएनएस)। विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद केरल की अंतिम मतदाता सूची में कुल 2,69,53,644 मतदाता दर्ज किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर के कार्यालय ने यह जानकारी दी। अंतिम आंकड़े विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद जारी किए गए।
अद्यतन मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन 21 फरवरी को किया जाएगा और यही सूची आगामी विधानसभा चुनावों में लागू रहेगी।
23 दिसंबर को प्रकाशित प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में 2.54 करोड़ मतदाता दर्ज थे। एसआईआर की पहली चरण की प्रक्रिया के दौरान राज्यभर में 2.78 करोड़ फॉर्म वितरित किए गए थे। जांच, सुनवाई और आवश्यक संशोधनों के बाद मतदाताओं की अंतिम संख्या बढ़कर 2.69 करोड़ हो गई है।
अंतिम सूची के अनुसार राज्य में 1.31 करोड़ पुरुष और 1.38 करोड़ महिला मतदाता हैं, जो दर्शाता है कि केरल में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इसके अलावा 2,23,558 प्रवासी (ओवरसीज) मतदाता भी अंतिम सूची में शामिल किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर सुनवाई के बाद प्रारूप सूची से 53,229 नाम हटाए गए। इनमें वे लोग शामिल हैं जिनकी गणना अवधि के दौरान मृत्यु हो गई, जिन्होंने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली, जो अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो गए या जिनके नाम दोहराव (डुप्लीकेट) पाए गए।
प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद निर्वाचन आयोग ने सुनवाई के लिए 36,88,948 नोटिस जारी किए थे। अब इन सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया है।
इनमें 19,32,688 ऐसे मतदाता थे जिनका विवरण 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया था (नो मैपिंग श्रेणी), जबकि 17,56,260 मतदाताओं के रिकॉर्ड में स्थानीय स्तर पर विसंगतियां पाई गई थीं।
पिछले वर्ष 27 अक्टूबर से 30 जनवरी 2026 के बीच आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त 13,51,151 नए आवेदन (फॉर्म-6) स्वीकार किए। इसके अतिरिक्त, प्रवासी मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए 1,59,111 आवेदन (फॉर्म-6ए) भी मंजूर किए गए।
इसी अवधि में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े कुल 24,28,639 आवेदनों पर कार्रवाई की गई, जबकि 3,93,333 प्रपत्रों के जरिए मौजूदा प्रविष्टियों में संशोधन किए गए।
अंतिम मतदाता सूची तैयार होने के साथ ही अब राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।

