राजस्थान: 1.22 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को यूनिफॉर्म के लिए रुपए ट्रांसफर

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जयपुर, 30 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की। इसके तहत उन्होंने 1.22 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1 हजार रुपए (प्रत्येक को) ट्रांसफर किए। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई है।

यह ट्रांसफर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील योजना के तहत लाभार्थियों को चेक भी बांटे।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता छोटे बच्चों के पालन-पोषण और राष्ट्र की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो सालों में आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयों-सह-सहायिकाओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। अमृत आहार योजना के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर हफ्ते में पांच दिन गर्म दूध दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आंगनवाड़ी भवनों का नवीनीकरण चल रहा है, कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को स्मार्टफोन बांटे गए हैं और जल्द ही मुफ्त आंखों की जांच के साथ-साथ चश्मे भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से 19 मार्च से 15 मई तक चलाए जा रहे ‘मुख्यमंत्री विकसित गांव-वार्ड अभियान’ के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद स्थानीय जरूरतों और आकांक्षाओं के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए एक विकास का रोडमैप तैयार करना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के विजन के अनुरूप हो।

सीएम शर्मा ने दोहराया कि प्रदेश और राष्ट्र का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 16 लाख से ज्यादा महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और सरकार ने मौजूदा बजट में ऋण सीमा को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी मिल रही है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और ‘मां वाउचर योजना’ जैसी योजनाएं महिलाओं के कल्याण में लगातार सहयोग कर रही हैं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बच्चों के भविष्य को संवारने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’, ‘सोलर दीदी’ और ‘बैंक सखी’ जैसी पहल महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक, दोनों तरह के सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर का भी अनावरण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, विभाग की सचिव पूनम, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाएं उपस्थित थीं।