एआईएडीएमके सत्ता में आई तो तमिलनाडु को भाजपा को सौंप देगी : सीएम स्टालिन

0
7

तिरुचिरापल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को विपक्षी दल एआईएडीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पलानीस्वामी की सरकार बनी, तो वह राज्य को भाजपा के हाथों गिरवी रख देंगे।

तिरुचिरापल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्टालिन ने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीएम) के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। उन्होंने नौ विधानसभा सीटों पर जनता से डीएमके गठबंधन को 100 प्रतिशत जीत दिलाने की अपील की।

सीएम स्टालिन ने इस चुनाव को तमिलनाडु की राजनीतिक पहचान और शासन व्यवस्था को बचाने की निर्णायक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में जनता ने डीएमके पर भरोसा जताया था, जिसके बाद ‘द्रविड़ मॉडल’ की सरकार बनी। उनके अनुसार, इस सरकार ने अपने अधिकतर वादे पूरे किए हैं और राज्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखा है।

उन्होंने भाजपा शासित राज्यों से तुलना करते हुए दावा किया कि तमिलनाडु जाति और धर्म के आधार पर होने वाले टकराव से मुक्त रहा है। सीएम स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में धार्मिक आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है और इसमें पलानीस्वामी उनकी मदद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, “अगर भाजपा यहां अकेले चुनाव लड़े, तो उसे ‘नोटा’ से भी कम वोट मिलेंगे। यही वजह है कि वह एआईएडीएमके पर निर्भर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके भाजपा के प्रभाव में काम कर रही है। मदुरै में एनडीए की एक बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता पेरियार ईवी रामासामी की तस्वीर हटाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व नेता एमजीआर और जे. जयललिता ऐसा होने देते।

सीएम स्टालिन ने पलानीस्वामी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि गठबंधन में अहम फैसले नई दिल्ली से लिए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए सरकार की बात तो की जा रही है, लेकिन पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा स्पष्ट रूप से घोषित नहीं किया गया है।