नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू बुधवार दोपहर 1:30 बजे लोक निवास में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश उन्हें शपथ दिलाएंगे और औपचारिक रूप से उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के 23वें उपराज्यपाल के रूप में नियुक्त करेंगे। निवर्तमान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है और वे शुक्रवार को पदभार ग्रहण करेंगे।
बता दें कि तरनजीत सिंह संधू एक पूर्व भारतीय राजनयिक हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 से 31 जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे हैं। 1988 में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में शामिल हुए संधू को यूक्रेन में भारतीय दूतावास शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने यूक्रेन में भारतीय दूतावास में राजनीतिक और प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में कार्य किया।
वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के रूप में कार्य करने से लेकर, फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्यदूत और वाशिंगटन डी.सी. में भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख के रूप में काम करने तक, संधू ने अपने साढ़े तीन दशकों से अधिक के करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनयिक कार्यभार संभाले।
भारतीय सुरक्षा बल (आईएफएस) से सेवानिवृत्त होने के बाद, संधू 2024 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। भाजपा ने संधू को अमृतसर से लोकसभा उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस नेता गुरजीत सिंह औजला के खिलाफ मैदान में उतारा।
उनकी पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से कला स्नातक (बीए) की उपाधि प्राप्त की और बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली से कला स्नातकोत्तर (एमए) की उपाधि प्राप्त की।
दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किए गए कविंदर गुप्ता के स्थान पर लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया है कि ये नियुक्तियां उनके संबंधित कार्यालयों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।

