तमिलनाडु में अंतिम फैसला जनता का होगा, ‘सिंगल पार्टी सरकार’ टिप्पणी पर कांग्रेस

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चेन्नई, 11 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद गठबंधन सरकार बनने की संभावना को लेकर डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर जारी बहस के बीच कांग्रेस सांसद बी. मणिकम टैगोर ने कहा है कि अंतिम फैसला राज्य की जनता करेगी।

उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने 2026 में सत्ता में वापसी की स्थिति में कांग्रेस की गठबंधन सरकार की मांग को खारिज कर दिया था। स्टालिन ने कहा था कि तमिलनाडु की राजनीतिक परंपरा एकल पार्टी सरकार के पक्ष में रही है, न कि गठबंधन व्यवस्था के।

विरुधुनगर से सांसद टैगोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तमिलनाडु में गठबंधन सरकार होगी या एकल पार्टी सरकार, इसका निर्णय मतदाता करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव बाद की शासन व्यवस्था का स्वरूप लोकतांत्रिक जनादेश के आधार पर तय होना चाहिए, न कि पहले से की गई राजनीतिक घोषणाओं से।

टैगोर ने कांग्रेस के पिछले फैसलों पर भी खुलकर बात की, खासकर 2006 के विधानसभा चुनावों के बाद की स्थिति पर। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस के पास डीएमके के साथ सत्ता साझेदारी पर जोर देने का अवसर था, लेकिन पार्टी ने उस मौके को गंवा दिया।

2006 के विधानसभा चुनाव में 234 सदस्यीय सदन में डीएमके को 96 सीटें मिली थीं और वह पूर्ण बहुमत से पीछे रह गई थी। इसके बावजूद डीएमके ने अपने सहयोगी दलों के बाहरी समर्थन से पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। कांग्रेस के 34 विधायक थे, जबकि पीएमके और माकपा ने क्रमशः 18 और 9 विधायकों के समर्थन से सरकार को सहयोग दिया था।

टैगोर के अनुसार, कांग्रेस को उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के साथ औपचारिक सत्ता साझेदारी पर बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने इसे तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए एक छूटा हुआ राजनीतिक अवसर बताया।

उनकी टिप्पणियों से डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर चर्चा को नया आयाम मिला है, खासकर तब जब 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं। अब यह देखना होगा कि क्या गठबंधन दल भविष्य में गठबंधन सरकार के मुद्दे पर पुनर्विचार करते हैं या नहीं, लेकिन यह विषय राज्य की राजनीति में फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।