कोलकाता, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। हावड़ा और कोलकाता में सोमवार को दो अलग-अलग जगहों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के दौरान हंगामा हो गया।
हावड़ा में लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगा। यह भी आरोप लगा कि तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों को धक्का दिया गया।
पुलिस ने हावड़ा जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने लेफ्ट समर्थकों के जुलूस को रोक दिया। उसी वक्त, लेफ्ट ने जिलाधिकारी के ऑफिस के सामने तृणमूल कार्यकर्ताओं की ओर देखते हुए ‘चोर, चोर’ के नारे लगाए।
कथित तौर पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का भी नाम लिया गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। लेफ्ट कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगा। तृणमूल कांग्रेस की महिला समर्थकों को धक्का देकर भगाने के भी आरोप लगे।
डोमजूर से तृणमूल उम्मीदवार तापस मैती की समर्थक पूर्णिमा आइच ने कहा कि सीपीआई (एम) कार्यकर्ता हमें चोर कहकर नारे लगा रहे थे। जब हम विरोध करने गए, तो वे आए और हम पर हमला कर दिया। उन्होंने हमें धक्का देकर भगा दिया।
बांकरा में ग्राम पंचायत नंबर 2 के तृणमूल सदस्य शेख अब्दुल सलाम ने कहा कि जब उन्होंने हमें देखा, तो वे बिना किसी वजह के नारे लगाने लगे। वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नाम पर नारे लगा रहे थे। जैसे ही हम आगे बढ़े, उन्होंने हम पर हमला कर दिया।
हावड़ा जिलाधिकारी के कार्यालय के सामने दोनों पक्षों के बीच झगड़े से काफी तनाव पैदा हो गया। पुलिस के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई।
वहीं, कोलकाता के अलीपुर इलाके में भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी के नामांकन में रुकावट के आरोप लगे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से भी तीखी बहस हुई। पापिया अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमें एक घंटे के लिए हाजरा चौराहे पर खड़ा कर दिया।
पुलिस अलीपुर सर्वे बिल्डिंग इलाके में कड़ी निगरानी रख रही है। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है। बैरिकेड के एक तरफ ‘जय श्री राम’, दूसरी तरफ ‘जय बांग्ला’ का नारा लगाया गया। अलीपुर सर्वे बिल्डिंग परिसर में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के दौरान माहौल गरमा गया।
टॉलीगंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार पापिया अधिकारी ने कहा कि तृणमूल और सीपीआई (एम) के सभी उम्मीदवार अपना नॉमिनेशन फाइल कर पाए हैं। सिर्फ पुलिस ने हमें रोका है। उन्होंने हमें काफी देर तक हाजरा क्रॉसिंग पर खड़ा रखा। पुलिस तृणमूल की तरह बर्ताव कर रही है। क्या वे चाहते हैं कि हम वोट का बॉयकॉट करें? अगर हमें नॉमिनेशन फाइल नहीं करने देंगे, तो वोट कैसे होगा?

