कोलकाता, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर विवादों में हैं। उन पर भाजपा की ‘बी’ टीम के तौर पर काम करने का आरोप लगाया गया है। एआईएमआईएम ने भी उनकी पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है। इस पर टीएमसी सांसद सायनी घोष ने तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से कहती आ रही हूं कि वह भाजपा की ‘बी’ टीम के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने सभी को धोखा देने का काम किया है। जनता उन्हें जवाब देगी।
मीडिया से बातचीत में सायनी घोष ने कहा कि वीडियो सामने आ गया है, जिससे साफ हो गया है कि वह भाजपा से मिले हुए हैं। जिसकी नीयत ठीक नहीं है, उसकी मुराद कभी पूरी नहीं होती है।
उन्होंने हुमायूं कबीर पर पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका जवाब इसी समुदाय के लोग भी देंगे। उनका वीडियो सामने आया है, सभी उनसे नाता तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल मुस्लिम समुदाय के साथ गद्दारी की है। इसका जवाब मुस्लिम भाई देंगे।
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बड़ा फैसला लेते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है। अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह बंगाल में किसी भी दल के साथ मिलकर नहीं, बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी।
एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए साफ कहा, “हुमायूं कबीर के खुलासों से यह जाहिर हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमजोर हैं। एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज की तारीख में, एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है।”
आगे कहा गया कि बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन रहने के बावजूद, उनके लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के पीछे एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर पड़े समुदायों की अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज हो। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा।

