ढाका, 18 मार्च (आईएएनएस)। टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने का बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का फैसला उसके गले की फांस बनते जा रहा है। खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि बीसीबी पर कोई भी फैसला लेने से पहले वह आईसीसी से सलाह लेंगे।
बांग्लादेश के खेल मंत्री ने कहा है कि वह इस बात की जांच के लिए एक दूसरी कमेटी बनाने का भी प्लान बना रहे हैं कि बांग्लादेश इस साल भारत और श्रीलंका में होने वाले पुरुषों के टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा क्यों नहीं ले सका।
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने 11 मार्च को बीसीबी चुनावों में गड़बड़ियों, हेरफेर और पावर के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। खेल मंत्री ने कहा था कि जांच कमेटी यह भी तय करेगी कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी क्यों आई और भविष्य में गलती न दोहराई जाए। बीसीबी ने सरकार की इस कार्रवाई को दखलअंदाजी बताया था।
अमीनुल हक ने कहा है कि जांच के लिए गठित 5 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद वह इस मामले पर आईसीसी से बात करेंगे।
उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार ने सीधे दखलअंदाजी की थी। मैंने इस बारे में कई बार बात की है। ढाका क्लब और जिलों के आरोपों के बाद, हमने एक जांच कमिटी बनाई है। मैं रिपोर्ट पढ़ने और आईसीसी से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लूंगा।”
जब बीसीबी चुनाव हुए थे, तब तमीम इकबाल और ढाका क्लब के अधिकारियों पर चुनाव इंजीनियरिंग के आरोप लगे थे। चुनाव से पहले बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी दखलंदाजी के आरोप थे। तमीम ने चुनावों से अपनी उम्मीदवारी 1 अक्टूबर को वापस ले ली, जबकि अमीनुल ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया।
खेल मंत्री ने कहा कि जांच कमिटी बीसीबी इलेक्शन कमिश्नर, बोर्ड अधिकारी और जिला प्रशासक से बात करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पत्र भेजने के बाद नॉमिनेशन बदले गए।
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था। बोर्ड ने आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। आईसीसी ने इस मांग को नहीं माना था और बांग्लादेश के बाहर होने के फैसले के बाद स्कॉटलैंड को शामिल किया था।

