आईआईएफटी ने टाइम्स बी-स्कूल रैंकिंग 2026 में देश में प्रथम स्थान हासिल किया, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उत्कृष्टता साबित

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नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) ने टाइम्स बी-स्कूल रैंकिंग 2026 में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वैश्विक व्यवसाय और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में आईआईएफटी की मजबूत स्थिति को एक बार फिर प्रमाणित करती है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थान के रूप में आईआईएफटी ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता, नीति प्रासंगिकता और वैश्विक जुड़ाव के दम पर इस शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।

आईआईएफटी के दिल्ली, कोलकाता, काकीनाडा और जीआईएफटी सिटी में स्थित चार कैंपस हैं, जबकि दुबई में पहला ऑफशोर कैंपस शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। संस्थान अंतरराष्ट्रीय व्यापार में विशेषज्ञता रखता है और एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस), एग्जीक्यूटिव एजुकेशन तथा डॉक्टरेट प्रोग्राम चलाता है। यह कार्यक्रम वैश्विक व्यापार नीतियों, निर्यात-आयात प्रबंधन, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय वित्त जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ पेशेवर तैयार करते हैं।

टाइम्स बी-स्कूल रैंकिंग 2026 में नंबर 1 स्थान प्राप्त करने पर माननीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आईआईएफटी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के छात्रों को कौशल, दूरदर्शिता और महत्वपूर्ण क्षमताओं से सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। ऐसे सक्षम नेता तैयार हो रहे हैं जो भविष्य में वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत की भूमिका को और मजबूत करेंगे। गोयल ने आईआईएफटी को विकसित भारत के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

वाणिज्य सचिव और आईआईएफटी के चांसलर राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि संस्थान भारत की व्यापार, आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्व स्तरीय प्रबंधन पेशेवर तैयार कर रहा है। अग्रवाल के नेतृत्व में आईआईएफटी ने पिछले वर्षों में शैक्षणिक मजबूती, कैंपस विस्तार और वैश्विक अभिविन्यास में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने संस्थान को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया। आईआईएफटी के वाइस चांसलर प्रो. राकेश मोहन जोशी ने पीयूष गोयल और राजेश अग्रवाल को उनके विजन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि संस्थान शैक्षणिक कठोरता, उद्योग जुड़ाव, अंतरराष्ट्रीय पहुंच और नीति प्रासंगिकता को लगातार बढ़ा रहा है। आज की वैश्विक चुनौतियों, जैसे व्यापार युद्ध, सप्लाई चेन व्यवधान और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, को पाठ्यक्रम में एकीकृत कर छात्रों को समकालीन वास्तविकताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रो. जोशी ने आईआईएफटी को विश्व स्तरीय संस्थान बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

1963 में स्थापित आईआईएफटी एक डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यवसाय में अग्रणी बिजनेस स्कूल के रूप में जाना जाता है। यह भारत के वैश्विक वाणिज्य विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। टाइम्स रैंकिंग में टॉप पर पहुंचना आईआईएफटी के फैकल्टी, छात्रों, पूर्व छात्रों और प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।