नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित उच्च शैक्षणिक संस्थान, आईआईटी दिल्ली के एक छात्र की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु का मामला सामने आया है। इस घटना से परिसर में छात्रों के बीच शोक और चिंता का माहौल है। छात्र का शव न्यू विंध्याचल अपार्टमेंट में उसके कमरे से बरामद किया गया।
आईआईटी दिल्ली का कहना है कि यह छात्र स्नातक कार्यक्रम के प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था। संस्थान ने शुक्रवार को इस मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। आईआईटी के अनुसार, मृतक छात्र प्रथम वर्ष का स्नातक विद्यार्थी था और वह न्यू विंध्याचल अपार्टमेंट में रह रहा था।
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह कमरे के अंदर छात्र का शव अंदर पाया गया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मृत्यु के कारणों का पता लगाया जा सके।
आईआईटी दिल्ली प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि मामले की जांच फिलहाल दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है और संस्थान पूरी तरह से जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना व छात्र की मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
संस्थान ने आगे कहा कि इस दुखद घड़ी में वह छात्र के परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। आईआईटी प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परिवार को संस्थान की ओर से हर प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस घटना के बाद परिसर में रहने वाले अन्य छात्रों के बीच भी चिंता और दुख का माहौल देखा जा रहा है। कई छात्र इस घटना से स्तब्ध हैं। प्रशासन का कहना है कि परिसर में छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श की सेवाएं मौजूद हैं।
गौरतलब है कि आईआईटी समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक तनाव व स्वास्थ्य को लेकर संसद में भी कई चर्चा व प्रश्न पूछे गए हैं। बीते दिनों संसद में आईआईटी में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र भी किया गया था। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही छात्र की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं आत्महत्या की इस घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
गौरतलब है कि बीते दिनों केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर में एक छात्र द्वारा आत्महत्या की घटना का संज्ञान लिया था। आईआईटी कानपुर की घटना तथा तय दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। इस समिति को जुलाई 2023 में जारी रूपरेखा दिशानिर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करनी थी।
दरअसल, मंत्रालय ने जुलाई 2023 में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक और मानसिक कल्याण हेतु रूपरेखा दिशानिर्देश जारी किए थे। इनका लक्ष्य देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में एक सक्षम, समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण करना है। इन रूपरेखा दिशानिर्देशों में कई प्रमुख बातों पर बल दिया गया है। इनमें शिक्षकों के लिए संवेदनशीलता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम, छात्रों के लिए परामर्श और सतत मार्गदर्शन तंत्र, और तनाव, मानसिक दबाव एवं संवेदनशीलता की शीघ्र पहचान हेतु प्रारंभिक चेतावनी तंत्र बनाने की बात है।

