तेहरान, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका यह है कि वह अपना निर्णय ले और ईरानी राष्ट्र का विश्वास हासिल करे।
उन्होंने यह टिप्पणी पाकिस्तान की अपनी यात्रा से ईरान लौटते समय पत्रकारों को संबोधित करते हुए की, जहां उन्होंने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता में भाग लिया था।
क़ालिबाफ ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी जनता का ऋणी है और उसे इसकी भरपाई के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।”
उन्होंने कहा, “अगर वे लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे और अगर वे तर्क के साथ आगे आते हैं, तो हम तर्क से जवाब देंगे। हम किसी भी धमकी के सामने झुकेंगे नहीं। वे हमारी इच्छाशक्ति को एक बार फिर परख सकते हैं और हम उन्हें और बड़ा सबक सिखाएंगे।”
क़ालिबाफ ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता को “बहुत गहन, गंभीर और चुनौतीपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि सक्षम विशेषज्ञों के सहयोग और व्यापक व विविध दृष्टिकोण के साथ, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने देश की सद्भावना दिखाने के लिए “बेहतरीन पहल” तैयार कीं, “जिससे बातचीत में प्रगति हुई।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “हमने शुरू से ही घोषणा की थी कि हमें अमेरिकियों पर भरोसा नहीं है। हमारे अविश्वास की दीवार 77 साल पुरानी है। यह ऐसे समय में है जब 12 महीनों से भी कम समय में उन्होंने बातचीत के दौरान दो बार हम पर हमला किया। इसलिए, उन्हें ही हमारा विश्वास जीतना होगा।”
क़ालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ हालिया धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं पड़ता।
ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने शनिवार और रविवार तड़के इस्लामाबाद में लंबी बातचीत की। ये वार्ताएं किसी समझौते पर नहीं पहुंच सकीं। यह बातचीत 40 दिनों की लड़ाई के बाद बुधवार को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद हुई थी।

