होली सेपल्चर मामला: नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा ‘प्रार्थना की अनुमति देने का बनाया जा रहा प्लान’

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तेल अवीव, 29 मार्च (आईएएनएस)। यरूशलम स्थित होली चर्च सेपल्चर में पैट्रिआर्क कार्डिनल और होली लैंड के कस्टोस फादर को पाम संडे मास की इजाजत न दिए जाने पर इजरायल को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी। इटली के बाद फ्रांस ने भी इस पर सख्त आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सफाई देते हुए एक खास योजना की बात कही है।

एक्स पर लिखा कि एक योजना बनाई जा रही है ताकि ईसाई नेताओं को चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में पूजा करने की अनुमति मिल सके।

नेतन्याहू के कार्यालय ने एक्स पर कहा, “पिछले कुछ दिनों में, ईरान ने यरुशलम में तीनों एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों को बैलिस्टिक मिसाइलों से बार-बार निशाना बनाया है। एक हमले में, मिसाइल के टुकड़े चर्च ऑफ द होली सेपल्चर से कुछ ही मीटर की दूरी पर गिरे।”

“इसके परिणामस्वरूप, इजरायल ने अस्थायी रूप से सभी धर्मों के उपासकों से कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए यरुशलम के पुराने शहर में स्थित पवित्र स्थलों पर पूजा न करें।”

बता दें, रविवार सुबह, इजरायली पुलिस अधिकारियों ने यरुशलम के लैटिन पैट्रिआर्क कार्डिनल पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला और होली लैंड के कस्टोस फादर फ्रांसेस्को इलपो को यरुशलम स्थित चर्च तक पहुंचने से रोक दिया, ताकि वे पाम संडे मास न कर सकें; इस घटना से इजरायल के कई सहयोगी देशों में रोष फैल गया।

इस पर पीएमओ ने कहा, “रविवार को, उनकी सुरक्षा के प्रति विशेष चिंता के कारण, यरुशलम पुलिस ने लैटिन पैट्रिआर्क कार्डिनल पिज्जाबल्ला को सुबह मास आयोजित करने से रोक दिया। फिर से बता दें कि इसके पीछे कोई भी दुर्भावना नहीं थी, बल्कि केवल उनकी सुरक्षा की चिंता थी।”

“हालांकि, दुनिया भर के ईसाइयों के लिए ईस्टर से पहले आने वाले सप्ताह की पवित्रता को देखते हुए, इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां एक ऐसी योजना तैयार कर रही हैं जिससे आने वाले दिनों में चर्च के प्रमुख इस पवित्र स्थल पर पूजा-अर्चना कर सकें।”

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस मामले में सबसे पहले रिएक्ट किया; उन्होंने इसे आस्थावानों का अपमान करार दिया, तो फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि धार्मिक आजादी पर प्रहार निंदनीय है।

इस पूरे प्रकरण पर लैटिन पैट्रिआर्क कार्डिनल पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला और होली लैंड के कस्टोस फादर ने एक बयान जारी कर आपत्ति दर्ज कराई। मामला बढ़ते देख विदेश मंत्रालय ने मसले को संभालने का प्रयास करते हुए कहा कि पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए समाधान तलाशने के लिए लैटिन पैट्रिआर्क पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला से मुलाकात करेगी।