नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में असम में घुसपैठियों के कारण डेमोग्राफी बदलने की बात कही और कांग्रेस पर निशाना साधा। इसे लेकर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने शनिवार को भाजपा पर तंज कसा।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “जब-जब चुनाव आता है, घुसपैठिए आते हैं। असम में चुनाव होने वाला है, वहां पर घुसपैठिए आ गए हैं। अब घुसपैठिए बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पांडुचेरी में चले जाएंगे, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद घुसपैठिए खत्म हो जाएंगे। बिहार में चुनाव हो गया तो वहां पर घुसपैठिए खत्म हो गए। ऐसे में यह उनका मुद्दा है कि अगर वे उसे नहीं उठाएंगे तो वे चुनाव नहीं जीतेंगे। यूजीसी के मुद्दे को सभी ने देखा कि क्या होगा। हमें इन मुद्दों को छोड़कर देश की भलाई पर ध्यान देना चाहिए।”
मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के मामले की कांग्रेस सांसद ने आलोचना की। उन्होंने कहा, “क्या कभी कोई भी मुस्लिम किसी मंदिर में जाता है? ऐसा नहीं होता है। मुस्लिम भाई मंदिर में जाकर पूजा-पाठ नहीं करेंगे। उनके इबादत की एक अलग जगह बनी हुई है। वे अल्लाह को मानते हैं और मस्जिद में जाकर उन्हें जो भी नमाज पढ़ना है, पढ़ते हैं। ईसाई लोगों का अपना चर्च है, जहां पर जाकर वे अपने धर्म के अनुसार प्रार्थना करते हैं। मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक विषयों को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। धर्म की बातों को धर्म के क्षेत्र में ही रखना चाहिए। जिसकी आस्था जहां पर है, उसे मानना चाहिए। हमारा देश सभी जाति, सभी धर्म और सभी संप्रदाय के लोगों के लिए है।”
उन्होंने कहा, “हिंदू मंदिर में जाते हैं, मुस्लिम मस्जिद में जाते हैं, ईसाई चर्च में जाते हैं, और सिख गुरुद्वारे में जाते हैं। अगर कल को सिख बोल दें कि गुरुद्वारे में गैर-सिख का प्रवेश नहीं होगा, तो यह गलत होगा। हजारों गरीब वर्ग के लोग, खास तौर पर जो सड़क पर रहते हैं और दिल्ली स्टेशन पर रहने वाले लोग, जब कहीं खाना नहीं मिलता है तो गुरुद्वारे में जाकर खाना खाते हैं। मुझे लगता है कि उसमें हजारों हिंदू होंगे।”
मनोज कुमार ने कहा, “अगर भारत का इतिहास पढ़ा जाए तो उसमें हिंदुत्व का मतलब ही बेसहारों को सहारा देना है—अनाथ बच्चों और गरीबों की मदद करना और सहारा देना। हम कभी भी ऐसा नहीं कह सकते कि यह नहीं आएगा, वह नहीं आएगा। अगर सिख ऐसा बोलने लगे तो फिर क्या होगा? देश के लोकतंत्र में सभी स्वतंत्र हैं। जिसे जो बोलना है, वो बोले। लेकिन अगर कोई हमसे पूछे तो हम बता दें कि मैं कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं। हम अहिंसा के पुजारी हैं।”

