डोडा, 23 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में सोमवार को कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग की ओर से ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ (एमआईडीएच) के तहत दो दिवसीय सम्मेलन-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो डोडा के किसानों की सहायता करती है।
एमआईडीएच योजना किसानों को फल, सब्जियां, मशरूम, मसाले और फूल उगाने के लिए वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान करती है। इस कार्यक्रम का विषय था, “जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं और बेहतर कृषि उत्पादकता के माध्यम से सतत कृषि को सुदृढ़ बनाना” और यह डोडा के कम्युनिटी हॉल में आयोजित किया गया।
यह जागरूकता कार्यक्रम डोडा जिले के सभी किसानों के लिए आयोजित किया गया, जहां उन्हें केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
किसान बशारत अली मलिक ने आईएएनएस को बताया कि वे किसानों के लिए बनाई गई विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं 2006 से कृषि कार्य से जुड़ा हुआ हूं, और मैं अपनी खेती-बाड़ी से सालाना 5 से 6 लाख रुपए कमाता हूं। इसके अलावा, हमें विभाग से सब्सिडी भी मिल रही है।”
यह योजना नर्सरी, पॉली-हाउस, बागानों के विस्तार और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की लागत का 60 प्रतिशत (पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों में 90 प्रतिशत) वहन करती है। मैं सरकार और कृषि विभाग को धन्यवाद व्यक्त करता हूं। विभागीय अधिकारी किसानों को सरकार की ओर से जारी सभी योजनाओं की जानकारी देते हैं और यथा संभव उस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
डोडा के मशरूम विकास अधिकारी सुशील रतन शर्मा ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर योजना चाहे वह केंद्र सरकार की हो या केंद्र शासित प्रदेश की, सभी जमीनी स्तर पर किसानों तक पहुंचे। डोडा में, हम वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एमआईडी योजनाओं के तहत किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं, और हम इन कार्यक्रमों के तहत किसानों के लिए उपलब्ध सभी लाभों और पहलों के बारे में सक्रिय रूप से जागरूकता फैला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एमआईडीएच एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो किसानों को फल, सब्जियां, मशरूम, मसाले और फूल उगाने के लिए वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान करती है।

