जम्मू-कश्मीर में फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं, नदियों और नालों में पानी का स्तर सामान्य

0
3

श्रीनगर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल कहीं भी बाढ़ का खतरा नहीं है। जम्मू-कश्मीर सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने शनिवार सुबह 9 बजे तक की गेज रीडिंग जारी की है, जिसमें बताया गया कि सभी नदियां और नाले अपने खतरे के स्तर से काफी नीचे हैं।

झेलम नदी के विभिन्न हिस्सों की बात करें तो संगम में पानी का स्तर 6.63 फीट, पम्पोर में 0.53 मीटर, मुंशीबाग में 7.05 फीट, आशाम में 4.83 फीट और वुल्लार में 1574.08 मीटर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों की मानें तो मुख्य नदी में फिलहाल बाढ़ की कोई संभावना नहीं है और पानी नियंत्रित स्तर पर है।

नदियों के सहायक नालों की बात करें तो खुडवानी में विशो नाला में 5.21 मीटर, वाची में रामबियारा नाला में 0.33 मीटर, बटकूट में लिद्दर नाला में -0.10 मीटर, बरज़ुल्ला में दूधगंगा नाला में 1.80 मीटर और डोडरहामा में सिंध नाला में 0.64 मीटर दर्ज किया गया। इन नालों में भी पानी अपने चेतावनी स्तर से नीचे है, जिससे स्थानीय स्तर पर फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं माना जा रहा है।

हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी जारी रह सकती है। इसलिए प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नदियों और नालों के पानी का स्तर फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग जारी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल को कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। 5 से 7 अप्रैल तक मौसम आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। 8 और 9 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 10 और 11 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश या ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा। निचले इलाकों में जलभराव की संभावना भी है। इसके बाद 12 से 15 अप्रैल तक मौसम सामान्य रहेगा और ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।