जम्मू, 6 मार्च (आईएएनएस)। देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। जम्मू-कश्मीर में भी एसआईआर का पहला चरण शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा ने आईएएनएस से बात कर जानकारी दी कि जिस प्रकार देश के अन्य हिस्सों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है और कुछ स्थानों पर पूरी हो चुकी है, उसी प्रकार जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में भी इस प्रक्रिया का पहला चरण शुरू हो गया है।
संजीव वर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हमने पूरी निष्ठा से तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य तौर पर ईआरओ और एईआरओ और बीएलओ का जमीनी स्तर पर इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुख्य रोल रहता है। बड़ी सहजता के साथ कार्यवाही हुई है। जो मतदाता वैध हैं उनको रिरजिस्टर किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद जो संभावित मतदाता है, किसी कारणवश जिनका वोट पहले नहीं बना या जो 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उनकी भी मैपिंग की गई है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बड़ी सरल एक्सरसाइज होगी। इसमें किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत बीएलओ की ओर से डोर टू डोर सर्वे किया जाता है। फॉर्म भरने के लिए बीएलओ मतदाताओं की मदद करते हैं। अगर कोई उस वक्त घर पर मौजूद नहीं है, तो घर के लोग उनका फॉर्म भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल बाद पूरे देश में और जम्मू-कश्मीर में एसआईआर की जाएगी।
19 फरवरी को एक अधिकारी की ओर से जानकारी दी गई थी कि दिल्ली समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए एसआईआर होगी। बताया गया था कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का अगला राउंड होना है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, एनसीटी दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं।

