जम्मू-कश्मीर : एसएसपी रियासी परमवीर सिंह ने माहौर में की क्राइम रिव्यू मीटिंग, नए आपराधिक कानूनों पर फोकस

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रियासी, 10 मार्च (आईएएनएस)। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) रियासी परमवीर सिंह, जेकेएस ने मंगलवार को एसडीपीओ ऑफिस माहौर में एक महत्वपूर्ण क्राइम रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग का मुख्य उद्देश्य जिले में मौजूदा अपराध स्थिति का मूल्यांकन करना, अरनास और माहौर क्षेत्रों में पुलिसिंग रणनीति को मजबूत करना और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस करना था।

मीटिंग में एडिशनल एसपी रियासी इफ्तखार अहमद, जेकेएस, एसडीपीओ माहौर पारुल भारद्वाज, जेकेएस, एसडीपीओ अरनास हिरदेवजीत सिंह, जेकेएस, एसएचओ पी/एस अरनास इंस्पेक्टर चमन गोरखा, एसएचओ पी/एस माहौर जीत सिंह और एसएचओ पी/एस चसाना रविंदर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

एसएसपी परमवीर सिंह ने मीटिंग के दौरान वर्तमान अपराध ट्रेंड्स की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रोएक्टिव पुलिसिंग, फील्ड कोऑर्डिनेशन को बढ़ावा देने और इंटेलिजेंस संग्रह पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को आदतन अपराधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और क्राइम-प्रवण इलाकों पर सतर्क निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, क्रिमिनल तत्वों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।

मीटिंग में नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें ई-साक्ष्य (डिजिटल सबूत), एसआईडीएस, ई-समन, मेडलीएपीआर, जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, कम्युनिटी सर्विस और ट्रायल इन एब्सेंटिया जैसे प्रावधानों पर फोकस किया गया।

एसएसपी ने सात साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) विजिट के महत्व पर बल दिया और जांच अधिकारियों को 60-दिन एवं 90-दिन की निर्धारित समयसीमा में मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया। ट्रांसपेरेंट और प्रोफेशनल जांच पर जोर देते हुए एसएसपी ने सभी जांच अधिकारियों को ई-साक्ष्य और ई-समन जैसे डिजिटल टूल्स का प्रभावी उपयोग करने, जांच की गुणवत्ता बढ़ाने तथा प्रॉसिक्यूशन विंग और एफएसएल यूनिट्स के साथ निकट समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

एसएसपी परमवीर सिंह ने जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए रियासी पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जिले का सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी देश-विरोधी या असामाजिक तत्व के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। मीटिंग न्याय व्यवस्था को मजबूत करने, जांच मानकों को ऊंचा उठाने, मामलों को सावधानी से संभालने और नए कानूनों के माध्यम से सजा की दर बढ़ाने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।