जम्मू, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू जिला पुलिस ने एक जनवरी से 31 मार्च तक नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। जम्मू पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत 88 एफआईआर दर्ज की गईं। इस दौरान 127 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 40 वाहन जब्त किए गए।
इसके अलावा कई बड़ी एफआईआर, गिरफ्तारियां और बरामदगियां भी की गईं। पुलिस ने 65 करोड़ से भी ज्यादा कीमत की 10 किलो 757 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस साल अब तक नशीले पदार्थों के प्रति 176 जागरूकता कार्यक्रम (जिनमें पीसीपीसी बैठकें और थाना दिवस शामिल हैं) आयोजित किए गए हैं, जिनमें नशीले पदार्थों के संदिग्ध हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नशा मुक्ति सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए, इस अवधि के दौरान जम्मू के चन्नी स्थित ‘पुलिस नशा मुक्ति, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र’ में 451 मरीजों ने ओपीडी में और 87 मरीजों ने आईपीडी में नशा छोड़ने के लिए इलाज कराया।
जम्मू पुलिस तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करने पर भी काम कर रही है, इसके तहत सभी मुख्य नशा केंद्रों और बस स्टैंड, महत्वपूर्ण इंटर-स्टेट चेक प्वाइंटों और सीमावर्ती जंक्शनों जैसी संवेदनशील जगहों पर सीसीटीली, एफआरएस से जुड़े सीसीटीली और एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। अब तक, नशीले पदार्थों के ज्यादातर बड़े हॉटस्पॉट को सीसीटीवी कैमरों से कवर कर लिया गया है।
जम्मू पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले सभी लोगों की पहचान करने और तस्करों के खिलाफ ‘पीआईटी एनडीपीएस’ के तहत कार्रवाई करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। साथ ही, पुलिस इन तस्करों की ओर से नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन और अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को भी जब्त कर रही है।
जम्मू पुलिस इस इलाके में नशे की सप्लाई की कड़ियों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है और नशे के आदी लोगों के पुनर्वास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।


