ग्रेटर नोएडा, 24 मार्च (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को देश के सबसे आधुनिक और भव्य हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल करने का काम अब अंतिम चरण में है। इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी पहचान इसका मुख्य प्रवेश द्वार होगा, जिसे देश के अन्य हवाई अड्डों से हटकर अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत के संगम के रूप में तैयार किया गया है।
यह प्रवेश द्वार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पारंपरिक झलक को एक साथ समेटे हुए है। एयरपोर्ट के इस मुख्य द्वार को बृजघाट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक थीम पर विकसित किया गया है। बृजघाट, जो गंगा तट पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, उसकी वास्तुकला से प्रेरणा लेकर इस गेट को तैयार किया जा रहा है। इसमें पारंपरिक नक्काशी, धार्मिक प्रतीकों और सांस्कृतिक तत्वों को बखूबी शामिल किया गया है।
डिजाइन इस प्रकार से तैयार किया गया है कि एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को पहली नजर में ही भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का गहन एहसास हो सके। यह भव्य द्वार केवल एक प्रवेश बिंदु न रहकर एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनकर उभरेगा। वहीं, एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से की तस्वीरें भी यात्रियों के लिए बेहद आकर्षक और सुविधाजनक होंगी। आगमन क्षेत्र में यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
आगमन लाउंज में डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा एवं चिकित्सा सहायता केंद्र जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त की गई हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है। इसके शुरू होने से क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी। जेवर एयरपोर्ट का यह सांस्कृतिक प्रवेश द्वार न केवल यात्रियों का स्वागत करेगा, बल्कि भारतीय परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम का प्रतीक भी बनेगा।
–आईएएनएस
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