चतरा, 20 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड में शुक्रवार को बेमौसम बारिश के दौरान वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं की जान चली गई। इस प्राकृतिक आपदा में जहां एक व्यक्ति की दो पत्नियों (सगी बहनों) की मौत हो गई, वहीं दूसरी घटना में महुआ चुन रही एक महिला की जान चली गई।
इन घटनाओं के बाद पूरे जिले में शोक की लहर है और प्रभावित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पहली घटना मेराल पंचायत के जेहरा गांव में हुई। जानकारी के अनुसार, संजय भुइयां की दो पत्नियां, पूनम देवी और कल्याणी देवी (जो आपस में सगी बहनें भी थीं), अपने घर के आंगन में दैनिक कार्यों में जुटी थीं।
इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई। एक साथ दो पत्नियों को खोने से संजय भुइयां का पूरा संसार उजड़ गया है। गांव के लोग इस दोहरी त्रासदी से स्तब्ध हैं। दूसरी घटना पत्थलगड़ा के ही सिंघानी गांव की है, जहां आकाशीय बिजली गिरने से शमा परवीन नामक महिला की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि शमा अपने परिजनों के साथ बंदरचुम्मा पाही स्थित घर के पास महुआ चुन रही थी, तभी वह वज्रपात की चपेट में आ गई। इस हादसे में 50 वर्षीय जैबुन निशा और एक 10 वर्षीय बच्ची भी गंभीर रूप से झुलस गई हैं। ईद के त्योहार से ठीक पहले हुए इस हादसे ने इस परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगड़ा अंचल अधिकारी उदल राम और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इधर, शोकाकुल ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल उचित मुआवजे की मांग की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सरकारी प्रावधानों के तहत आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

