लातेहार, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल विरोधी अभियान को गुरुवार को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद के सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ ‘टाइगर’ ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली टाइगर ने पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा और लातेहार एसपी कुमार गौरव के समक्ष आधिकारिक रूप से हथियार डाले।
मूलरूप से लातेहार सदर थाना क्षेत्र के मांजर गांव का निवासी सुरेंद्र लोहरा पिछले दो दशकों से विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसका स्वागत किया और उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नई दिशा’ से प्रभावित होकर नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “सुरेंद्र लोहरा को आत्मसमर्पण के बाद मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाओं और पुनर्वास लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई थी, जिसके बाद उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।”
एसपी कुमार गौरव ने जानकारी दी कि उनके लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में अब तक 28 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 5 लाख के इनामी कमांडर का सरेंडर जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
एसपी ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर सरकार की नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा पुलिस की दमनकारी कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहें। इस अवसर पर डीएसपी विनोद रवानी, इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।


