‘किसी भी संप्रभु देश में आक्रमण का विरोध करना हमारी नीति’, कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

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नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जिस तरह खामेनेई की जान ली गई है, वह बिल्कुल भी उचित नहीं है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों के बीच केंद्र सरकार के रुख पर भी कांग्रेस सांसद ने सवाल खड़े किए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने खामेनेई की मौत पर कहा, “जिस तरह खामेनेई की जान ली गई है, वह बिल्कुल भी उचित नहीं है। हर देश का अधिकार है कि उनकी सरकार कौन हो और कौन उनको चुने? हमें और आपको उसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। वेनेजुएला की स्थिति को हम सबने देखा है। मैं जरूर कहना चाहूंगा कि शक्ति के साथ आप किसी पर अपनी बातों को नहीं थोप सकते हैं।”

ईरान-इजरायल संघर्ष पर भारत के रुख को लेकर कांग्रेस सांसद कहा, “भारत की जो नीति है अगर हम भारत के संदर्भ में बात करें, तो हम किसी भी संप्रभु देश में आक्रमण के विरोध में है, हम शांति चाहते हैं। संवाद ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। मैं समझता हूं कि युद्ध अपने आप में एक समस्या है, युद्ध किसी समस्या का निदान नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी के समय और आज की सरकार के दौरान दोनों में काफी विरोधाभास हैं। भारत का स्टैंड शांति और बातचीत रहा है। उससे हटकर यह चीजें चल रही हैं। वर्तमान सरकार में भारत कोई स्टैंड नहीं ले पा रहा है।

वहीं, खामेनेई की मौत पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने प्रतिक्रिया देते हुए इजरायल को आतंकी मुल्क बताया। उन्होंने कहा, “आप किसी देश के सुप्रीम लीडर को कैसे मार सकते हैं। पूरी दुनिया में उनके समर्थक हैं। हर मजहब का मानने वाला इस पर दुख जता रहा है, जिस तरह उन्हें मारा गया।”

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “इससे ज्यादा आतंकवाद कुछ नहीं हो सकता है कि इजरायल और अमेरिका दोनों मिलकर पूरी दुनिया में यह काम कर रहे हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करके ले गए। इराक और लीबिया जैसे देश तबाह कर दिए। अब ईरान को तबाह करना चाहते हैं। अमेरिका और इजरायल अपनी ताकत की बुनियाद पर मनमानी कर रहे हैं।”