नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। कुणाल गांजावाला एक जाने-माने भारतीय प्लेबैक सिंगर हैं। उनका जन्म 14 अप्रैल 1972 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वह मुख्य रूप से बॉलीवुड फिल्मों के लिए गाते हैं, लेकिन उन्होंने कन्नड़, बंगाली, और मराठी जैसी कई अन्य भाषाओं के गानों को भी अपनी आवाज दी है।
कुणाल गांजावाला को फिल्म ‘मर्डर’ (2004) के हिट गाने ‘भीगे होंठ तेरे’ से शोहरत मिली, जिसने उन्हें अपनी सुरीली और रोमांटिक गायन शैली के लिए बेहद लोकप्रिय बना दिया। इन वर्षों में उन्होंने कई लोकप्रिय गाने गाए हैं, जैसे ‘धूम’ का ‘सलामे’ और ‘दिल कह रहा है’, और उन्हें विशेष रूप से 2000 के दशक की शुरुआत के एक भावपूर्ण गायक के रूप में याद किया जाता है।
उन्होंने बड़ी संख्या में कन्नड़ गानों में आवाज दी है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, पंजाबी, मलयालम, ओडिया और असमिया समेत कई भाषाओं के गानों में अपनी आवाज दी है। एक तरफ जहां कुणाल गांजावाला ने अपने गानों से लोगों के दिलों पर राज किया, वहीं अपने उपनाम की वजह से भी वह चर्चा में रहे हैं।
उन्होंने एक बार अपने उपनाम के पीछे की दिलचस्प कहानी साझा की थी। कुणाल ने बताया था कि उनके उपनाम का जुड़ाव ब्रिटिश काल से है। ब्रिटिश काल के दौरान कुणाल का परिवार चिकित्सीय इलाज के उद्देश्य से गांजे की खेती करता था। पहले यह एक पेशा हुआ करता था। बाद में यह अवैध कर दिया गया। यहीं से उनके नाम के साथ गांजावाला जुड़ गया।
कुणाल ने कहा कि यह काम भारत छोड़ो आंदोलन तक जारी रहा, जब महात्मा गांधी ने भारतीयों से आत्मनिर्भर बनने का आग्रह किया। इसके बाद परिवार अन्य काम करने लगा और गांजे की खेती का काम बंद हो गया।
‘गांजावाला’ उपनाम की वजह से कुणाल का कई बार लोगों ने मजाक बनाया और उनसे ‘गांजे’ के लिए भी पूछा। कुणाल ने बताया कि वह किसी भी प्रकार का धूम्रपान नहीं करते हैं।
कुणाल का कहना है कि क्षेत्रीय भाषाओं में गाने लोगों के दिल को छू जाते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी के जरिए हम लोगों के घरों तक पहुंच सकते हैं, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं में गाने से लोगों के दिल तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान कहीं भी रह रहा हो, अगर उसकी स्थानीय भाषा में गाते हैं तो अपनापन महसूस होता है।
साल 2005 में कुणाल ने सिंगर गायत्री अय्यर-गांजावाला से शादी की, जो एक प्रसिद्ध पार्श्व गायिका और कलाकार हैं।
कुणाल गांजावाला को फिल्म ‘भीगे होंठ तेरे’ के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक और नवीन संगीत प्रतिभा के लिए आर.डी. बर्मन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें आईफा पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायन का पुरस्कार मिला। जी सिने पुरस्कार में उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक (पुरुष) का सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 2006 में स्टार गिल्ड पुरस्कार में भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक चुना गया, तथा बॉलीवुड मूवी पुरस्कार में भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक (पुरुष) का सम्मान प्रदान किया गया।

