नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। लिवर हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है, जो हमारे शरीर में 50 से अधिक काम करता है। बात चाहे हॉर्मोन के उत्पादन की हो या फिर प्रोटीन के संश्लेषण की, लिवर के बिना कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें शरीर करने में असमर्थ है, लेकिन आज की खराब जीवनशैली की वजह से सारा भार लिवर पर पड़ने लगता है।
शराब और अधिक प्रोटीन का सेवन करने वाले लोग लिवर के कार्यभार को बढ़ा देते हैं। ऐसे में लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, लेकिन आयुर्वेद में लिवर की कार्यक्षमता को सही करने के कई तरीके बताए गए हैं।
आज के समय में फैटी लिवर आम समस्या बन चुकी है। हर किसी को खान-पान की वजह से फैटी लिवर की परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे तरीके बताए गए हैं, जिनकी सहायता से लिवर को डिटॉक्स कर हेल्दी रखा जा सकता है। इसके लिए सुबह की शुरुआत जादुई जूस से करनी चाहिए। गाजर, सेब, चकोतरा और पुदीना को मिक्स कर इसका जूस बना लें। जूस में चीनी या नमक कुछ भी न डालें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
गाजर लिवर की कोशिकाओं को मजबूती देती है और उन्हें डैमेज होने से बचाती है। इसके साथ ही लिवर पर पड़ रहे अत्याधिक तनाव को भी कम करती है। सेब में मौजूद गुण लिवर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं और कोशिकाओं को नए सिरे से बनने में भी मददगार है। चकोतरा लिवर में एंजाइम को बढ़ाता है, जो प्रोटीन के पाचन और संश्लेषण में सहायता देता है।
वहीं पुदीना, सिर्फ स्वाद को बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि लिवर में होने वाली रुकावटों को भी कम करता है। कुल मिलाकर यह जूस लिवर को नई ताजगी और काम करने की ऊर्जा देगा। यह जूस न केवल फैटी लिवर बल्कि पीलिया में भी लाभकारी है। रोजाना सुबह खाली पेट इसका सेवन कई लाभ दे सकता है।
लिवर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। हरी पत्तेदार सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट और क्लोरोफिल अधिक होता है, जो लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके साथ ही सूर्यास्त के बाद भी खाने से परहेज करें। अगर भूख लगती है तो हल्का खाना जैसे खिचड़ी या सूप का सेवन किया जा सकता है।

