कोलकाता, 15 मार्च (आईएएनएस)। आईटीएफ मेंस वर्ल्ड टेनिस टूर एम25 कोलकाता टूर्नामेंट के फाइनल में रविवार को करण सिंह ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन अंततः ऑस्ट्रेलिया के फिलिप सेकुलिक से हार का सामना करना पड़ा।
बंगाल टेनिस एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए सिंगल्स फाइनल में राउंडग्लास टेनिस अकादमी का प्रतिनिधित्व करने वाले करण सिंह को पहले सेट में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने दूसरे सेट में शानदार वापसी करते हुए अपने ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी। करण ने दूसरे सेट को टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया, लेकिन आखिरकार उन्हें 1-6, 6-7 से हार का सामना करना पड़ा।
खिताबी मुकाबले में हार के बावजूद, 25,000 अमेरिकी डॉलर के इस हार्ड-कोर्ट इवेंट के फाइनल तक करण का शानदार सफर प्रोफेशनल सर्किट पर उनकी बढ़ती शारीरिक और रणनीतिक परिपक्वता को दिखाता है।
फाइनल तक के सफर में, दूसरी वरीयता प्राप्त करण सिंह ने बेहतरीन फॉर्म दिखाई। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत पहले दौर में हमवतन आदित्य बलसेकर पर 7-6(5), 6-4 की कड़े मुकाबले वाली जीत के साथ की। दूसरे दौर में, उन्होंने आत्मविश्वास के साथ रूस के बेखान अटलांगेरिएव को 6-2, 7-6(4) से हराया।
इसके बाद करण ने क्वार्टर फाइनल में जबरदस्त हिम्मत दिखाई। यूक्रेन के आठवीं वरीयता प्राप्त यूरी झावाकियन को एक कड़े तीन-सेट वाले मुकाबले में हराया। एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 6-7, 6-3, 7-5 से जीत हासिल की। उन्होंने सेमीफाइनल में भी इसी तरह का जोरदार प्रदर्शन दोहराया, एक और शानदार वापसी करते हुए साथी भारतीय सिद्धार्थ रावत को 2-6, 6-4, 7-5 से हराया और खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की।
कोलकाता में उपविजेता रहने का यह प्रदर्शन इस साल पेशेवर सर्किट में करण के लगातार मजबूत और स्थिर प्रदर्शन की कड़ी में एक और उपलब्धि है। इससे पहले जनवरी में 22 वर्षीय खिलाड़ी ने आईटीएफ एम15 हैदराबाद सिंगल्स खिताब जीता था, जो भारत की धरती पर उनका पहला पेशेवर सिंगल्स खिताब था। उन्होंने फाइनल में नीदरलैंड्स के शीर्ष वरीयता प्राप्त मैक्स हाउकेस को सीधे सेटों में हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।
इसके अलावा, करण का बढ़ता कद इस बात से भी झलकता है कि इस साल वह लगातार ऊंचे स्तर के एटीपी चैलेंजर 100 और 75 टूर्नामेंटों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और नई दिल्ली में इन प्रतियोगिताओं के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई है। उनकी लगातार प्रगति, ऊंची रैंक वाले विरोधियों को चुनौती देने की क्षमता और कोर्ट पर उनका दबदबा, इन सब खूबियों की वजह से हाल ही में उन्हें भारतीय डेविस कप टीम में एक जगह मिली है। इससे देश के सबसे होनहार टेनिस सितारों में से एक के तौर पर उनकी स्थिति और भी मजबूत हो गई है।

