पटना, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। आरएलएम विधायक माधव आनंद ने ग्रामीण और शहरी विकास विभाग से जुड़े विषयों को उठाते हुए कहा कि उन्होंने सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत कर राज्य में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए, जिनसे पूरे बिहार को लाभ मिला है।
माधव आनंद ने कहा कि इन्हीं महत्वपूर्ण फैसलों में शराबबंदी कानून भी शामिल है, जिसे अच्छे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर लागू किया गया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस कानून की विस्तृत समीक्षा की जाए। उनके अनुसार यह देखना जरूरी है कि शराबबंदी से क्या हासिल हुआ, किन उद्देश्यों के लिए इसे लागू किया गया था और इसमें कहीं कोई कमी रह गई है या नहीं।
उन्होंने कहा कि यह भी विचार होना चाहिए कि कानून को ज्यादा मजबूत बनाने की जरूरत है, उसमें संशोधन होना चाहिए, या इसकी आवश्यकता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी तो स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक कुमार सर्वजीत ने राज्य में जाति आधारित जनगणना और आरक्षण के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर 65 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया, लेकिन इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब वे तेजस्वी यादव के साथ सरकार में मंत्री थे, तब इस विषय को लगातार उठाया गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार मामला अदालत में जाने के बाद दलितों के सम्मान का मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनकी पार्टी होली के बाद बिहार के हर जिले में जाकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी और राजनीतिक स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

