मध्य प्रदेश का एआई मिशन के लिए तीन कंपनियों से करार

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भोपाल/नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन को क्रियान्वित करने के लिए तीन कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर करार हुआ है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिस्सा लिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मध्य प्रदेश स्टेट एआई मिशन लॉन्च करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

सीएम मोहन यादव की उपस्थिति में मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से राज्य के एआई मिशन के प्रमुख स्तंभों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए तीन महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।

इन एमओयू में जेनस्पार्क एआई इंक. के साथ एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के अनुकूलन, सृजनात्मक एआई-आधारित शासन समाधानों के विकास और नवाचार परीक्षण मंच की स्थापना पर सहमति बनी। इनविसिड एआई कंपनी के साथ राज्य डेटा केंद्र में एआई-संचालित डिजिटल प्रतिरूप (डिजिटल ट्विन) की तैनाती के लिए सहयोग किया जाएगा। वहीं सर्वम एआई (एक्सोनवाइज प्रा. लि.) के साथ सॉवरेन एआई अवसंरचना के निर्माण और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के विकास के लिए सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

इसके अतिरिक्त, सबमर टेक्नोलॉजीज एसएल को ऊर्जा-कुशल, द्रव-शीतित एवं एआई-तत्पर डेटा केंद्र अवसंरचना के विकास तथा भविष्य में एक गीगावाट तक एआई-अनुकूलित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से आशय पत्र जारी किया गया।

सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में एआई का पूरा नया ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इस ईकोसिस्टम के पांच मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं, पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। अब हम भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलरेटर शुरू करेंगे।

उन्‍होंने कहा कि हम मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जरिए एआई गवर्नेंस सैंडबॉक्स शुरू करेंगे। इसके लिए सरकार एक मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हम अपनी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी में अब एआई आधारित तकनीक को भी जोड़ रहे हैं। इससे हमारी उत्पादन क्षमता 15 से 20 प्रतिशत बढ़ सकती है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में। एआई के विकास के लिए मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में सोलर आधारित सोलर सेंटर, हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल और ग्रीन डेटा सेंटर को प्रोत्साहन देगा। इससे डिजिटल विकास और पर्यावरण का संरक्षण दोनों परस्पर साथ-साथ चलेंगे।

सीएम ने कहा कि एआई भविष्य में मध्य प्रदेश अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास इंजन बनेगा। अगले 5 सालों में हम 500 से अधिक एआई स्टार्ट-अप के जरिए 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रदेश के प्रमुख उद्योगों में एआई का अधिकतम उपयोग और एआई सेवाओं के निर्यात के लिए भी सभी जरूरी कदम उठाएंगे।