मध्य प्रदेश में चीतों का नया ठिकाना होगा रानी दुर्गावती अभयारण्य: सीएम मोहन यादव

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भोपाल, 10 मार्च (आईएएनएस)। चीता मुक्त हो चुके एशिया में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का प्रयोग सफल हुआ है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान के बाद गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को बसाया गया है और अब रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का नया ठिकाना होगा। यह ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए किया।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पांच नए शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहां भी चीते छोड़े जाएंगे। राज्य सरकार करीब दो महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में चीतों के तीन घर तैयार हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हम घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव संपदा और भी समृद्ध हो सके। मुख्यमंत्री यादव ने क्रिकेट में भारत को मिली जीत का जिक्र करते हुए कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्य प्रदेश के दो होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन में देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्य प्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा था कि जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम उठाने जा रही है।

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्य प्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। राज्य में इस साल 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा।